राजस्थान ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार में अपनी प्रभावशाली जल संरक्षण पहल से नई पहचान बनाई

राजस्थान ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार में अपनी प्रभावशाली जल संरक्षण पहल से नई पहचान बनाई

राजस्थान ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार में जल संरक्षण क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता प्रदर्शित की। सीकर के बजरंग लाल जेठू और श्रीगंगानगर के खरलां जल उपयोगकर्ता संगम को पुरस्कार मिला।

राजस्थान ने जल संरक्षण और संचयन के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर साबित किया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा आयोजित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2024 में राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर किए गए जल संरक्षण कार्यों की सराहना की गई। इस पुरस्कार में सीकर के श्री बजरंग लाल जेठू को जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए पश्चिम क्षेत्र का प्रथम पुरस्कार और श्रीगंगानगर के खरलां जल उपयोगकर्ता संगम को सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ श्रेणी में तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी बधाई, जल संरक्षण में नई दिशा

राज्य के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और कहा कि राजस्थान अब जल संरक्षण और संचयन में एक नई पहचान बना चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार जल की उपलब्धता और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान जैसी पहल शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के जल संसाधन प्रबंधन के प्रयासों को भी सराहा, जिसमें जलाशयों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था सुधारने और जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण शामिल हैं।

राजस्थान के जल संरक्षण कार्यों को मिली राष्ट्रीय सराहना

सीकर के श्री बजरंग लाल जेठू, जो 1993 से जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं, को उनके निरंतर प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने जल संसाधनों के जीर्णोद्धार, पुनर्स्थापन और संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने स्कूलों, उद्यानों और सार्वजनिक स्थलों पर जल संरक्षण के नवाचार भी किए हैं। वहीं, श्रीगंगानगर के खरलां जल उपयोगकर्ता संगम ने नहरों और खालों की सफाई, किसानों को नई तकनीकों से अवगत कराने और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने जैसे कार्य किए हैं। इन प्रयासों से आम जनता में जल के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ी है।

बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान और अंबुजा फाउंडेशन को भी पुरस्कार

इसके अतिरिक्त, बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, पिलानी को स्कूल और कॉलेजों के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार (संयुक्त) प्राप्त हुआ है, जबकि अंबुजा फाउंडेशन, जयपुर को नागरिक समाज श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला है। ये पुरस्कार भी राजस्थान के जल संरक्षण प्रयासों के व्यापक असर को दर्शाते हैं।

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राष्ट्रीय जल पुरस्कार की प्रमुख श्रेणियाँ और विजेता

इस साल के छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए कुल 46 विजेताओं की घोषणा की गई है। पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में दिए गए हैं, जिनमें सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ विद्यालय/महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्थान (विद्यालय/महाविद्यालय के अलावा), और जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति आदि शामिल हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य जल के महत्व को जागरूक करना और जल उपयोग की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा पुरस्कार वितरण

इन पुरस्कारों का वितरण 18 नवम्बर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा किया जाएगा। जल समृद्ध भारत की दिशा में इन प्रयासों को प्रोत्साहित करने और आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा यह आयोजन किया जाता है।

राजस्थान की जल संरक्षण यात्रा की सफलता

राजस्थान की जल संरक्षण पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है और यह राज्य में जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों का प्रमाण है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में राज्य सरकार ने जल की महत्ता को समझने और संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे प्रदेश में जल के संरक्षण और संचयन के कार्यों में तेजी आई है।

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