राजस्थान बजट 2026: एआई से बिजली मॉनिटरिंग, 3 लाख नए जल कनेक्शन और सिग्नल-फ्री शहरों की योजना

राजस्थान बजट 2026: एआई से बिजली मॉनिटरिंग, 3 लाख नए जल कनेक्शन और सिग्नल-फ्री शहरों की योजना

राजस्थान बजट 2026: एआई से बिजली मॉनिटरिंग, 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन, सिग्नल-फ्री शहर, सोलर पार्क, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बड़े निवेश।

राजस्थान सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, पेयजल, बिजली और शहरी विकास को प्राथमिकता दी है। नए ब्रिज, सड़कों, सोलर पार्क, 6,500 गांवों में जल कनेक्शन, सिग्नल-फ्री शहर, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्ट्रीट लाइट और ड्रेनेज कार्यों पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर: सड़कें और ब्रिज

सड़कों के विकास के लिए सरकार 1,800 करोड़ रुपये नए ब्रिज और सड़क निर्माण पर खर्च करेगी। नॉन-पेचेबल सड़कों के लिए 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 250 अटल प्रगति पथ के लिए 500 करोड़ रुपये का काम अगले साल शुरू होगा। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सड़क सुरक्षा के लिए 2,000 कैमरे लगाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

पेयजल योजनाएं

राजस्थान में नई जल नीति लागू की जाएगी और जलदाय विभाग में 3,000 संविदा तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। सीएम जल जीवन मिशन के तहत 6,500 गांवों को नल कनेक्शन से जोड़ा जाएगा, जिस पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहरों में पेयजल सुविधाओं के विकास पर 2,300 करोड़ रुपये खर्च होंगे और अगले वर्ष 3 लाख नए कनेक्शन दिए जाएंगे।

एआई से बिजली मॉनिटरिंग

प्रदेश में 6 नए 220 केवीए जीएसएस, 13 नए 132 केवी जीएसएस और 110 नए 33 केवी जीएसएस बनाए जाएंगे। बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये की लागत से सोलर पार्क स्थापित होंगे। बिजली प्रणाली की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अजमेर डिस्कॉम सेंटर को एआई तकनीक से जोड़ा जाएगा।

शहरी विकास: सिग्नल-फ्री शहर और आवास

सभी संभाग मुख्यालयों को चरणबद्ध तरीके से सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा। जयपुर के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के साथ कुल 2,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। 28 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय सहायता दी जाएगी।
शहरी क्षेत्रों में 5,000 से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी और अजमेर, जयपुर सहित अन्य शहरों में 1,020 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज सुधार कार्य होंगे। मास्टर ड्रेनेज प्लान के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अग्निशमन और शहरी परिवहन के लिए 93 फायर बाइक 40 करोड़ रुपये में उपलब्ध कराई जाएंगी। शहरों में परिवहन सुधार के लिए अर्बन ट्रांसपोर्ट फाइनेंस फंड का गठन किया जाएगा।

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शिक्षा और “जादुई पिटारा”

अगले साल 2,500 से अधिक स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नए स्कूल भवनों के निर्माण पर 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बच्चों को खेल किट और जादुई पिटारा प्रदान करने पर 323 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं

गंभीर मरीजों और दुर्घटनाओं के लिए ‘राज सुरक्षा’ योजना शुरू होगी, जिसमें प्रमुख हाईवे पर एंबुलेंस तैनात की जाएंगी।
मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकने के लिए ‘राज ममता’ कार्यक्रम लागू होगा। जिले के अस्पतालों, कॉलेजों और ग्राम पंचायत स्तर पर मेंटल हेल्थ सेंटर बनाए जाएंगे।

जयपुर के जेके लॉन अस्पताल में 75 करोड़ रुपये की लागत से नया आईपीडी टॉवर और नियोनेटल ICU स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में 1,000 नए पद सृजित किए जाएंगे। अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणों पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बड़े शहरों के अस्पतालों में मरीजों के लिए धर्मशालाएं बनेंगी, जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही ‘मोक्षवाहिनी योजना’ के तहत मृतक का पार्थिव शरीर घर तक निःशुल्क पहुंचाया जाएगा।

पर्यटन विकास

राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी:

  • जैसलमेर (खुड़ी): अल्ट्रा-लक्सरी टूरिज्म जोन

  • कुलधरा: नया पर्यटन केंद्र

  • थार सर्किट: पश्चिमी रेगिस्तानी शहरों को जोड़कर डेजर्ट टूरिज्म बढ़ाना

  • भरतपुर: 100 करोड़ रुपये में ब्रज कन्वेंशन सेंटर

  • शेखावाटी: हवेलियों का संरक्षण और विकास (200 करोड़ रुपये)

  • झुंझुनूं: वार म्यूजियम

खाटू श्याम और पुष्कर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष द्वार बनाए जाएंगे। 50,000 बुजुर्गों को हवाई यात्रा कर तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी।

नए हवाई अड्डे: सीकर, झुंझुनूं, डीग और भरतपुर में नए एयरपोर्ट के लिए फिज़िबिलिटी स्टडी की जाएगी। सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

डिजिटल सशक्तिकरण

राज्य में 25,000 महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। नई आईटी पॉलिसी भी लागू की जाएगी।

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