अजमेर के पुष्कर में उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्मशाला के दूसरे तल का लोकार्पण किया, 50 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद की घोषणा और चारधाम यात्रा का महत्व बताया।
अजमेर जिले के तीर्थराज पुष्कर में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय उत्तराखंड धर्मशाला के दूसरे तल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, प्रवासी उत्तराखंडियों, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर आश्र्म प्रबंधन को 50 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की। इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने धर्मशाला के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये जारी किए थे।
पुष्कर की धार्मिक महत्ता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में पुष्कर को पंचतीर्थों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और इसे ‘तीर्थों का गुरु’ कहा गया है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा तब पूर्ण मानी जाती है जब श्रद्धालु पुष्कर सरोवर में पवित्र स्नान कर लें। उन्होंने यह भी साझा किया कि पुष्कर की आध्यात्मिक महिमा से प्रेरित होकर उनके माता-पिता ने उनका नाम ‘पुष्कर’ रखा।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण और धार्मिक परियोजनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नए आयाम मिल रहे हैं। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम परियोजनाओं को सांस्कृतिक नवजागरण की मिसाल बताया।
उत्तराखंड में केदारखंड-मानसखंड मंदिर क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण, शारदा और ऋषिकेश कॉरिडोर तथा दून यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज पर तेजी से काम जारी है।
धार्मिक पहचान और परंपराओं की सुरक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की धार्मिक संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए कई सख्त कदमों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लागू किया गया है। 10 हजार एकड़ अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई भूमि, 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया गया और सभी विद्यालयों में सरकारी बोर्ड का पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया।