मोहिंदर भगत: पंजाब सरकार किसानों को मशरूम की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। 2 लाख रुपये लागत वाली यूनिट पर 80,000 रुपये तक की सब्सिडी, तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को पारंपरिक खेती से बागवानी की ओर प्रेरित कर उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी दिशा में मशरूम की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो कम लागत, कम भूमि और कम पानी में उच्च लाभ देने वाला विकल्प साबित हो रहा है।
किसानों को रु 80,000 तक की सब्सिडी
पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत (Mohinder Bhagat) ने बताया कि किसान लगभग 2 लाख रुपये की लागत वाले छोटे मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार 80,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। यह सब्सिडी कुल लागत का लगभग 40 प्रतिशत है।
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मंत्री ने आगे बताया कि एक छोटा मशरूम उत्पादन यूनिट लगभग 200 वर्ग फुट में आसानी से स्थापित किया जा सकता है। सही तकनीक और प्रशिक्षण अपनाने पर किसान कम समय में अच्छा उत्पादन कर बेहतर आय कमा सकते हैं। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।
सब्सिडी पंजीकरण की प्रक्रिया
जो किसान इस योजना में भाग लेना चाहते हैं, वे अपने नज़दीकी ज़िला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर योजना के तहत पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के लिए किसानों को आधार कार्ड, भूमि से संबंधित दस्तावेज, बैंक खाता विवरण और फोटोग्राफ जमा करने होंगे। इसके अलावा, बागवानी विभाग किसानों को मशरूम उत्पादन से जुड़ी तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवा रहा है।
बागवानी मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार बागवानी को किसानों की आय बढ़ाने और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। आने वाले समय में सरकार इसी तरह की जनहितकारी योजनाओं के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी रखेगी।