Punjab Fire NOC Rules 2025: मान सरकार ने बदले नियम, व्यापारियों को मिलेगी राहत

Punjab Fire NOC Rules 2025: मान सरकार ने बदले नियम, व्यापारियों को मिलेगी राहत

Punjab Fire NOC Rules 2025: मान सरकार ने फायर NOC नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब कम जोखिम वाले उद्योगों को 5 साल की वैधता, साथ ही पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन।

Punjab Fire NOC Rules 2025: पंजाब में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने फायर एनओसी (Fire NOC) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह कदम नई औद्योगिक नीति 2025 के तहत उठाया गया है, जिससे राज्य में व्यापारियों, उद्योगपतियों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

Fire NOC नियमों में हुए मुख्य बदलाव

पंजाब के श्रम मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड (Minister Tarunpreet Singh Sond) ने बताया कि अब फायर एनओसी की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल और डिजिटल हो गई है:

  • कम जोखिम (Low Risk) वाले उद्योगों के लिए फायर एनओसी की वैधता अब 5 साल होगी (पहले 1 साल)।

  • मध्यम जोखिम (Medium Risk) वाले उद्योगों के लिए वैधता 3 साल तय की गई है।

  • उच्च जोखिम (High Risk) वाले उद्योगों के लिए एनओसी अब भी 1 साल के लिए ही वैध रहेगी।

  • फायर एनओसी का वार्षिक प्रमाणन (Annual Certification) अब पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।

  • व्यापारी अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से फायर सेफ्टी प्लान जमा कर सकेंगे और मंजूरी प्राप्त कर सकेंगे।

इमारतों की ऊंचाई सीमा में भी बदलाव (Punjab Fire NOC Rules 2025)

सरकार ने फायर एनओसी एक्ट में एक और बड़ा संशोधन किया है। अब तक राज्य में किसी भी इमारत की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर तक सीमित थी, जिसे अब बढ़ाकर 21 मीटर कर दिया गया है।

इस बदलाव से:

  • रिहायशी और कमर्शियल निर्माण में लचीलापन आएगा

  • रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आएगी

  • बिल्डरों और डेवलपर्स को अधिक मुनाफा मिलेगा

कारोबारियों और उद्योगपतियों को फायदा

मान सरकार द्वारा लाए गए इस सुधार से राज्य में “Ease of Doing Business” को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारी अब बिना परेशानी और भ्रष्टाचार के डर के डिजिटल सिस्टम के जरिए फायर एनओसी प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि पारदर्शिता भी बनी रहेगी।

सरकार का उद्देश्य

श्रम मंत्री ने कहा, “हमारी कोशिश है कि पंजाब को एक इंडस्ट्री-फ्रेंडली राज्य बनाया जाए, जहां उद्यमियों को न्यूनतम अड़चनों के साथ अधिकतम सुविधाएं मिलें। नई नीति के तहत कई ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं जो राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देंगे।”

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