पंजाब में भारत नेट योजना: पंजाब बना देश का पहला राज्य जहां हर गांव में तेज़ी से पहुंचे रहा है इंटरनैट

पंजाब में भारत नेट योजना: पंजाब बना देश का पहला राज्य जहां हर गांव में तेज़ी से पहुंचे रहा है इंटरनैट

पंजाब ने भारत नेट योजना के तहत हर गांव में तेज ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाकर इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पहल से राज्य डिजिटल भारत से जुड़ा, जिससे किसानों, युवाओं, छात्रों और महिलाओं को मिलेंगे रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के नए अवसर।

पंजाब ने इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां संशोधित भारत नैट योजना पूरी तरह लागू हो चुकी है। मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने आज BSNL के सीजीएम अजय कुमार करारा से यह पुरस्कार प्राप्त करते हुए कहा कि यह पंजाब के 3 करोड़ लोगों के लिए एक नई सुबह है। राज्य के 43 ब्लॉकों में तेज ब्रॉडबैंड इंटरनैट पहुंच चुका है और नवंबर के अंत तक हर गांव डिजिटल भारत से जुड़ जाएगा।

यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। जब पूरा देश डिजिटल इंडिया की बात कर रहा है, तब पंजाब ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर भी लागू हो सकती है। 1000 किलोमीटर से अधिक फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है। यह दूरी लुधियाना से दिल्ली की 10 गुना से भी ज्यादा है। हर गांव, हर पंचायत, हर घर तक इंटरनैट पहुंचाने का यह अभियान पंजाब की दृढ़ इच्छाशक्ति को दिखाता है।

इस योजना का सबसे बड़ा असर पंजाब के किसानों पर पड़ेगा। राज्य की 60 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। अब किसान घर बैठे मंडी के भाव जान सकेंगे, मौसम की सटीक जानकारी पा सकेंगे और अपनी फसल को सीधे खरीदारों से जोड़ सकेंगे। MSP, PM-KISAN जैसी योजनाओं की जानकारी और आवेदन अब मोबाइल पर ही हो जाएगा। बिचौलियों का खेल खत्म होगा और किसान की आमदनी सीधे बढ़ेगी।

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पंजाब के युवाओं के लिए यह योजना रोजगार का नया रास्ता खोलेगी। आज देश भर में लाखों नौकरियां ऑनलाइन हैं – डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, डाटा एंट्री। पर गांव में इंटरनैट न होने से पंजाब के युवा इन अवसरों से वंचित रह जाते थे। अब जालंधर हो या फाज़िल्का, अमृतसर हो या मुक्तसर, हर जगह के युवा समान अवसर पाएंगे। विदेश जाने की मजबूरी खत्म होगी।

शिक्षा के क्षेत्र में यह योजना क्रांतिकारी साबित होगी। पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 30 लाख बच्चों को अब वही शिक्षा मिलेगी जो शहरों के महंगे स्कूलों में मिलती है। ऑनलाइन क्लासेस, यूट्यूब पर IIT के प्रोफेसरों के लेक्चर, मुफ्त कोर्सेस – सब कुछ अब गांव के बच्चों की पहुंच में होगा। यह गरीब और अमीर के बीच की खाई को कम करेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा बदलाव आएगा। पंजाब के दूर-दराज के इलाकों में जहां डॉक्टर नहीं पहुंचते, वहां टेलीमेडिसिन से इलाज संभव होगा। PGI चंडीगढ़ या अमृतसर के बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से वीडियो कॉल पर सलाह ली जा सकेगी। समय पर इलाज से जानें बचेंगी। यह योजना सचमुच जीवनदायी साबित होगी।

महिलाओं के लिए यह योजना सशक्तिकरण का माध्यम बनेगी। घर बैठे व्यापार, ऑनलाइन कोर्स करना, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं का लाभ लेना – सब कुछ अब आसान होगा। पंजाब की महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। यह सामाजिक बदलाव की शुरुआत है।

मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने इस उपलब्धि को पंजाब की जनता का सामूहिक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि पंजाब के सपनों को पंख देने का माध्यम है। पठानकोट के सीमावर्ती गांव रामकलवां तक वाई-फाई पहुंचना यह साबित करता है कि सरकार की प्रतिबद्धता कितनी मजबूत है। यह पुरस्कार हर पंजाबी का है जो प्रगतिशील और आधुनिक पंजाब का सपना देखता है।

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