पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसायटियों के सदस्यों के लिए ऐतिहासिक सुधार की घोषणा की है। इस पहल से सदस्यों को कानूनी और वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति समाप्त होगी।
संपत्ति पंजीकरण हुआ सरल और किफायती
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब सरकार ने सहकारी हाउसिंग संपत्तियों का पंजीकरण आसान, सुरक्षित और कानूनी रूप से मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। अब सोसायटी में संपत्ति का हस्तांतरण पूरी तरह औपचारिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।
मूल आवंटियों को स्टांप ड्यूटी में पूरी छूट
सरकार ने मूल आवंटियों के लिए स्टांप ड्यूटी पूरी तरह से माफ कर दी है। अब पंजीकरण केवल मामूली शुल्क पर होगा। यह छूट आवंटियों के जीवनसाथी, कानूनी वारिस और परिवार के अन्य सदस्यों पर भी लागू होगी, जिससे संपत्ति के उत्तराधिकार में किसी प्रकार की समस्या न आए।
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गैर-मूल आवंटियों और ट्रांसफर मामलों में रियायती दरें
पंजाब सरकार ने गैर-मूल आवंटियों और ट्रांसफर मामलों के लिए समय-सीमा के अनुसार रियायती स्टांप ड्यूटी लागू की है:
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31 जनवरी 2026 तक पंजीकरण पर 1% स्टांप ड्यूटी
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28 फरवरी 2026 तक पंजीकरण पर 2% स्टांप ड्यूटी
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31 मार्च 2026 तक पंजीकरण पर 3% स्टांप ड्यूटी
इसके बाद सामान्य दरें लागू होंगी।
ट्रांसफर फीस पर कानूनी सीमा
सहकारी हाउसिंग सोसायटियों द्वारा वसूली जाने वाली ट्रांसफर फीस पर सरकार ने स्पष्ट सीमा निर्धारित की है। इसका उद्देश्य सदस्यों को अतिरिक्त या मनमानी शुल्क से बचाना है।
लाभ और प्रभाव
इस पहल से हजारों परिवार अपने घरों का कानूनी स्वामित्व सुनिश्चित कर पाएंगे। नागरिकों को सुरक्षा, राज्य को स्टांप ड्यूटी की वैध वसूली और सोसायटी में अनावश्यक खर्च से बचाव सुनिश्चित होगा।
सरकार की अपील
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी पात्र निवासियों से अनुरोध किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी संपत्ति को समय पर पंजीकृत कर सुरक्षित बनाएं।