प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा खड़क सिंह मार्ग पर सांसदों के नए बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया और विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग कोसी टावर को बिहार चुनाव के नजरिए से देखेंगे। नए सांसद आवास आधुनिक, भूकंपरोधी और सुविधाजनक हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर बने 184 नए टाइप-7 बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने परिसर के एक टावर का नाम बिहार की कोसी नदी के नाम पर रखा गया है, जिसके बाद उन्होंने विपक्ष पर तंज कसा कि कुछ लोग इस कोसी टावर को बिहार विधानसभा चुनावों के नजरिए से देखेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सांसदों के आवास परिसर में चार टावरों के नाम भारत की प्रमुख नदियों—कृष्णा, गोदावरी, कोसी और हुगली—के नाम पर रखे गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग कोसी टावर को चुनावी राजनीतिक दृष्टिकोण से देखेंगे, जबकि यह एक महत्वपूर्ण नदी का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने बताया कि अब सांसदों को दिल्ली में रहने के लिए बेहतर और पर्याप्त आवास उपलब्ध होंगे, जिससे वे अपने कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। इस बहुमंजिला परिसर में एक साथ 180 से अधिक सांसद रह सकते हैं। 2014 से अब तक लगभग 350 सांसद आवास बनाए जा चुके हैं, जो सांसदों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करते हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में किराए के भवनों पर हर साल लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च होते थे, लेकिन सांसद आवासों की कमी के कारण सरकारी खर्च बहुत बढ़ गया था। 2014 से 2024 तक इस क्षेत्र में कोई नई पहल नहीं हुई थी, जिसे वर्तमान सरकार ने एक अभियान के रूप में लिया है।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने सिंदूर का पौधा भी लगाया और फ्लैटों के निर्माण में लगे श्रमिकों से बातचीत की। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, तथा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद थे।
सांसदों के लिए आधुनिक और सुरक्षित आवास परिसर
प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल 5000 वर्ग फुट है, जिसमें सांसदों के कार्यालय और स्टाफ के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। यह परिसर गृह 3-स्टार रेटिंग और राष्ट्रीय भवन संहिता 2016 के अनुरूप है। सभी भवन भूकंपरोधी हैं और दिव्यांगों के लिए अनुकूलित हैं।
परियोजना में हरित प्रौद्योगिकी का समावेश किया गया है और यह जीआरआईएचए 3-स्टार रेटिंग के मानकों पर खरा उतरती है। परिसर में कार्यालय, कर्मचारी आवास और सामुदायिक केंद्र शामिल हैं, जिससे सांसद अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकेंगे। सुरक्षा के लिए भी आधुनिक तंत्र स्थापित किया गया है।