प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीवाली पर देशवासियों को स्वदेशी अपनाने, सभी भाषाओं का सम्मान करने और सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया। जवानों के साथ मनाई दीपोत्सव की खास यादें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीवाली के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और एक विशेष पत्र के माध्यम से अपने विचार साझा किए हैं। इस वर्ष यह दीवाली अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद मनाई जा रही दूसरी दीवाली है, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवसर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश: धर्म का पालन और अन्याय के खिलाफ संघर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में भगवान श्रीराम के आदर्शों का स्मरण करते हुए धर्म पालन और अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने हाल ही में सम्पन्न ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे भारत ने धर्म का पालन करते हुए अन्याय का सामना किया।
नक्सलवाद प्रभावित इलाकों में शांति और मुख्यधारा में लौटे लोगों की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में नक्सलवाद और माओवादी आतंक से प्रभावित जिलों में शांति स्थापित होने का जिक्र किया। उन्होंने उन लोगों की सराहना की जिन्होंने हिंसा छोड़कर संविधान और मुख्यधारा को अपनाया है। पीएम मोदी ने इसे भारत की बड़ी उपलब्धि बताया।
स्वदेशी अपनाने और एक भारत श्रेष्ठ भारत की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने सभी भाषाओं का सम्मान करने, स्वच्छता बनाए रखने, स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, भोजन में तेल का कम उपयोग करने और योग को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
दीवाली का वास्तविक अर्थ और सामाजिक एकता का संदेश
पीएम मोदी ने बताया कि दीवाली का पर्व हमें यह सिखाता है कि जब एक दीपक दूसरे दीपक को जलाता है, तो उसकी चमक कम नहीं होती बल्कि बढ़ जाती है। इसी प्रकार हमें समाज में सहयोग, सकारात्मकता और सद्भाव के दीप जलाने चाहिए।
जवानों के साथ दीवाली मनाई
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार भी जवानों के साथ दीवाली मनाई। इस बार वे गोवा और कर्नाटक के तटों पर INS विक्रांत पर नेवी के जवानों के साथ दीपोत्सव मनाते हुए देश की सुरक्षा में लगे सभी जवानों को सम्मानित किया। पीएम मोदी ने 2014 से लगातार जवानों के साथ ही दीवाली मनाने की परंपरा जारी रखी है।