प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में रामनाथ गोयंका लेक्चर 2025 में कहा, “हमारी प्राथमिकता है विकास, विकास और सिर्फ विकास।” जानें कैसे भारत निवेश, व्यापार और सामाजिक न्याय के जरिए आत्मनिर्भर और विकसित बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित रामनाथ गोयंका लेक्चर 2025 में भारत के विकास एजेंडा को दुनिया के सामने रखा। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता विकास, विकास और केवल विकास है और देश आत्मनिर्भर और विकसित बनने की दिशा में प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं राज्य सरकारों को निवेश आकर्षित करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, सभी का ध्यान विकास पर होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत केवल एक उभरता हुआ बाजार नहीं है, बल्कि एक उभरता हुआ मॉडल है।
व्यापार और निवेश को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। उनका कहना था कि राज्य सरकारों को निवेश आकर्षित करने और विकास को तेज करने के लिए एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए।
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विकास में विश्वास और सामाजिक न्याय
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि लोग उन्हीं सरकारों पर भरोसा करते हैं, जो लोकों की आशाओं और विकास को प्राथमिकता देती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास का लाभ सभी तक पहुँचाना आवश्यक है—दलितों, वंचितों और शोषितों सहित। जब सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुँचता है, तब सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित होते हैं।
प्रधानमंत्री के इस भाषण ने भारत के विकास मॉडल और उसकी वैश्विक प्रतिबद्धताओं को सामने रखा, और यह स्पष्ट किया कि देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता केवल और केवल विकास है।