CSPOC सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – UPI से वैक्सीन तक, भारत दुनिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। लोकतंत्र से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 28वें CSPOC सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्ष और अन्य पीठासीन अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर पीएम मोदी ने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, आर्थिक उपलब्धियों, सामाजिक समावेशन और वैश्विक योगदान को विस्तार से साझा किया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र केवल शासन का तरीका नहीं है, बल्कि हमारे मूल्यों, सोच और कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र इसलिए प्रभावी है क्योंकि हर नागरिक की प्राथमिकताओं और जरूरतों को सर्वोच्च माना जाता है।
लोकतंत्र और विकास का जीवंत उदाहरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि देश में बिना किसी भेदभाव के सार्वजनिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने के कारण पिछले कुछ वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने इसे “Democracy Delivers” यानी लोकतंत्र के परिणाम देने का स्पष्ट उदाहरण बताया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र का मतलब केवल चुनाव नहीं बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं को ठोस कार्यों में बदलना है। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीक और प्रक्रियाओं में लोकतंत्रीकरण किए जाने से आम नागरिकों के लिए रास्ता आसान हुआ है।
भारत की वैश्विक ताकत
प्रधानमंत्री ने CSPOC सम्मेलन में कहा कि भारत का प्रभाव अब केवल आर्थिक या राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। UPI, वैक्सीन उत्पादन और अन्य वैश्विक योगदान के माध्यम से भारत दुनिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भावना हमारी नसों में दौड़ती है, हमारे विचारों में बसती है और हमारे मूल्यों में रची-बसी है। यही कारण है कि भारत का लोकतंत्र लगातार प्रभावी और परिणामदायक बना हुआ है।