प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय AI स्टार्टअप्स को प्रेरित किया, नैतिक और आत्मनिर्भर AI विकसित करने पर जोर दिया, जो आम नागरिकों की जिंदगी बदल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के प्रमुख एआई स्टार्टअप्स के साथ मुलाकात की और उन्हें ऐसे AI समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया जो नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकें। यह बैठक प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई और भारत में अगले महीने आयोजित होने वाले India AI Impact Summit 2026 से पहले आयोजित की गई।
इस बैठक में 12 एआई स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया, जो हेल्थकेयर, बहुभाषी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM), मटेरियल रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स और इंजीनियरिंग सिमुलेशन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी के सामने अपनी परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी जिम्मेदार और नैतिक AI की प्रेरणा
न्यूरोडक्स के सीईओ डॉ. सिद्धार्थ पंवार ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का अनुभव हमारी सोच को बदलने में महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने हमें प्रेरित किया कि हम सिर्फ पश्चिमी देशों जैसा AI नहीं बनाएं, बल्कि ऐसा AI तैयार करें जो आम भारतीय नागरिकों की जिंदगी में बदलाव लाए।”
टेक महिंद्रा के CIO निखिल मल्होत्रा ने बताया कि पीएम ने नैतिक और जिम्मेदार AI विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के साथ AI पर चर्चा करना बहुत प्रेरक रहा। हमें ऐसे AI समाधान विकसित करने होंगे जो नवाचारी होने के साथ-साथ समाज के लिए जिम्मेदार भी हों।”
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भारत का आत्मनिर्भर AI विज़न
जेनलूप के CEO आयुष गुप्ता ने साझा किया कि पीएम मोदी ने भारत में विश्वसनीय, नैतिक और आत्मनिर्भर AI बनाने पर जोर दिया। “हमने चर्चा की कि भारत का AI विश्वसनीय और नैतिक होना चाहिए। भारत के लिए AI का मतलब ‘आत्मनिर्भर इंटेलिजेंस’ है, जो आने वाले समय में विकसित भारत में अहम भूमिका निभाएगा।”
फ्रैक्टल AI के सह-संस्थापक श्रीकांत वेलमाकन्नी ने कहा कि पीएम मोदी चाहते हैं कि भारत AI में वैश्विक नेता बने। “इसके लिए भारत-केंद्रित मॉडल बनाने होंगे और हर नागरिक को उनकी भाषा में उपलब्ध कराना होगा,” उन्होंने कहा।
सरकार का समर्थन और स्टार्टअप्स की भागीदारी
इस बैठक में अवतार, भारत जेन, फ्रैक्टल, गैन, जेनलूप, ज्ञानी, इंटेली हेल्थ, सर्वम, सॉकेट AI, टेक महिंद्रा और जेंटिक के CEO और प्रतिनिधि शामिल थे। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित रहे। ये स्टार्टअप्स AI for All: Global Impact Challenge का हिस्सा हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपने नवाचार प्रस्तुत कर रहे हैं।
इस मुलाकात के माध्यम से पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता है ऐसे घरेलू AI समाधान विकसित करना जो नैतिक, समावेशी और प्रभावशाली हों, और देश को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर करें।