प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स से वैश्विक नेतृत्व की अपील की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स से वैश्विक नेतृत्व की अपील की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स से वैश्विक नेतृत्व और नैतिक, समावेशी एआई विकास को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स से दुनिया में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत पर अंतरराष्ट्रीय भरोसा उसकी सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत में विकसित एआई मॉडल हमेशा नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी होने चाहिए और डेटा गोपनीयता के उच्च मानकों का पालन करना चाहिए।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले आयोजित गोलमेज सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं पर आधारित एआई समाधानों की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारत में किफायती, समावेशी और मितव्ययी एआई नवाचार को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाने की पूरी क्षमता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप और एआई उद्यमियों को “मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड” के सिद्धांत पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका कहना था कि ये उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं और देश में नवाचार और बड़े पैमाने पर एआई कार्यान्वयन की क्षमता है।

also read: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा: सोमनाथ मंदिर…

गोलमेज सम्मेलन में 12 एआई स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जो पहले ही ‘AI for All: Global Impact Challenge’ के लिए अर्हता प्राप्त कर चुके हैं। इन स्टार्टअप्स ने भारतीय भाषा फाउंडेशन मॉडल, बहुभाषी LLM, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-ऑडियो/वीडियो, 3D कंटेंट जनरेटिव एआई, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स, ई-कॉमर्स, इंजीनियरिंग सिमुलेशन और उन्नत एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

सम्मेलन में उपस्थित स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भारत के एआई इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की पहल की सराहना की और कहा कि भारत अब वैश्विक एआई नवाचार और तैनाती के केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने अनुसंधान, विकास और व्यवसायीकरण के लिए अनुकूल माहौल की भी चर्चा की।

इस गोलमेज में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, गान, जेनलोप, ज्ञानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सोकेट एआई, टेक महिंद्रा और ज़ेंटिक जैसे प्रमुख स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापक उपस्थित थे। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत की एआई रणनीति का लक्ष्य वैश्विक प्रभाव के साथ स्थानीय प्रासंगिकता को बनाए रखना होना चाहिए। इससे भारत नैतिक, समावेशी और अग्रणी कृत्रिम बुद्धिमत्ता में एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

Related posts

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से की अहम द्विपक्षीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटरव्यू: अमेरिका-EU समेत 38 देशों के साथ ट्रेड डील और बजट से डिफेंस तक

CBSE अब 12वीं की कॉपियों का करेगा डिजिटल मूल्यांकन, 2026 से ऑन-स्क्रीन मार्किंग लागू

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More