प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पर्यावरण, सीओपी-30 और वैश्विक स्वास्थ्य पर संबोधन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पर्यावरण, सीओपी-30 और वैश्विक स्वास्थ्य पर संबोधन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में “पर्यावरण, सीओपी-30 और वैश्विक स्वास्थ्य” पर महत्वपूर्ण संबोधन दिया। भारत की जलवायु परिवर्तन नीति, वैश्विक स्वास्थ्य पहल, और ब्रिक्स अध्यक्षता के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्राजील में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सत्र में “पर्यावरण, सीओपी-30 और वैश्विक स्वास्थ्य” विषय पर जोरदार संबोधन दिया। इस सत्र में ब्रिक्स के सदस्य देशों, भागीदार और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने ब्राजील को ऐसे उच्च स्तरीय सत्र के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

भारत की जलवायु परिवर्तन नीति और क्लाइमेट जस्टिस

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन सिर्फ ऊर्जा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन को प्रभावित करता है। उन्होंने भारत के लिए क्लाइमेट जस्टिस को एक नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI), वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन और मिशन लाइफ जैसे कई पहलें शुरू की हैं, जो ग्रह के अनुकूल विकास को प्रोत्साहित करती हैं।

भारत की आर्थिक प्रगति और जलवायु वित्त का आह्वान

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि भारत विकास के एक स्थायी रास्ते पर है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। भारत ने समय से पहले ही अपने पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को पूरा कर लिया है। उन्होंने विकासशील देशों के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और किफायती वित्तपोषण की जरूरत पर जोर देते हुए ब्रिक्स समूह द्वारा जलवायु वित्त पर फ्रेमवर्क की घोषणा को महत्वपूर्ण बताया।

‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ – भारत का वैश्विक स्वास्थ्य मिशन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड महामारी से निपटने के लिए भारत की वैश्विक सहायता पहल ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ का जिक्र किया। उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता और ग्लोबल साउथ देशों के साथ इनके साझा करने की तैयारी का उल्लेख किया। इसके साथ ही, उन्होंने सोशली डिटरमाइंड डिजीज (SDoD) के उन्मूलन के लिए ब्रिक्स साझेदारी की घोषणा का स्वागत किया।

भारत की आगामी ब्रिक्स अध्यक्षता और वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकता

भारत अगले वर्ष ब्रिक्स का अध्यक्ष बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ को प्राथमिकता देगा और जन-केंद्रित, “ह्यूमैनिटी फर्स्ट” दृष्टिकोण अपनाएगा। उन्होंने ब्रिक्स को नया स्वरूप देने की योजना का भी खुलासा किया, जिसमें “बिल्डिंग रेजिलिएंस एंड इनोवेशन फॉर कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” शामिल होगा।

ब्राजील के राष्ट्रपति को सफल सम्मेलन के लिए बधाई

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी और उनके हार्दिक आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया।

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