Paracetamol During Pregnancy: क्या यह बच्चे में दिमागी समस्या का कारण बनता है?

Paracetamol During Pregnancy: क्या यह बच्चे में दिमागी समस्या का कारण बनता है?

Paracetamol During Pregnancy: गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेना सुरक्षित है। रिसर्च से पता चला कि इससे बच्चों में ऑटिज़्म या न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर का खतरा नहीं बढ़ता।

Paracetamol During Pregnancy: Pregnancy में दर्द और बुखार से राहत पाने के लिए अक्सर पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन हाल के समय में यह दावा सुनने को मिला कि गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेने से बच्चों में ऑटिज़्म (Autism) या अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर का खतरा बढ़ सकता है। यहां तक कि कुछ पब्लिक फिगर और मीडिया ने इसे सच मान लिया। लेकिन क्या ये दावे वैज्ञानिक तौर पर सही हैं? चलिए जानते हैं Evidence-Based Medicine की रोशनी में।

Paracetamol और Autism का दावा: सच या फेक?

हालिया रिसर्च और फैक्ट-चेक के अनुसार, पैरासिटामोल और बच्चों में दिमागी बीमारियों का सीधा संबंध नहीं पाया गया है। मेडिकल जर्नल The Lancet में प्रकाशित एक रिव्यू ने यह स्पष्ट किया कि गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेने से Autism, ADHD या किसी न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर का कोई clinically significant खतरा नहीं बढ़ता।

रिसर्च में कहा गया कि पहले की गई कुछ स्टडीज में खामियां थीं, जैसे:

  • डेटा का भ्रम

  • गलत याददाश्त पर आधारित जानकारी

  • अन्य स्वास्थ्य फैक्टर्स का असर

इन कारणों से पुराने नतीजे पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माने जा सकते।

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जेनेटिक और पारिवारिक फैक्टर्स का महत्व

नई रिव्यू के अनुसार, बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं का असली कारण पारिवारिक और जेनेटिक फैक्टर्स हो सकते हैं। यानी परिवार में एक ही प्रकार के लक्षण पीढ़ी दर पीढ़ी दिखना अधिक सामान्य है, न कि पैरासिटामोल का सीधा प्रभाव।

कुछ हाई-क्वालिटी स्टडीज में एक ही मां की दो प्रेग्नेंसी की तुलना की गई—एक में पैरासिटामोल लिया गया और दूसरी में नहीं। इन स्टडीज से पता चला कि जेनेटिक और घर के माहौल का प्रभाव ज्यादा मायने रखता है।

रिसर्च की प्रक्रिया: तीन स्टेप में

  1. स्टेप 1: 4,147 स्टडीज की प्रारंभिक समीक्षा की गई। 4,092 स्टडीज को सीधे विषय से संबंधित न होने की वजह से हटा दिया गया।

  2. स्टेप 2: 55 फुल टेक्स्ट रिसर्च पेपर्स को गहराई से रिव्यू किया गया। इसमें से 12 स्टडीज को डेटा अधूरा या डिजाइन की कमी के कारण हटा दिया गया।

  3. स्टेप 3: अंतिम 43 स्टडीज को व्यवस्थित तरीके से रिव्यू किया गया। इनमें 17 हाई क्वालिटी स्टडीज को डिटेल स्टैटिस्टिकल एनालिसिस के लिए चुना गया, खासकर भाई-बहनों की तुलना वाली स्टडीज, ताकि जेनेटिक प्रभाव को अलग किया जा सके।

एक्सपर्ट की राय

प्रोफेसर अस्मा खलील के अनुसार: “बिना पुख्ता सबूत के ये दावा करना गर्भवती महिलाओं में अनावश्यक डर पैदा कर सकता है। वर्तमान साइंटिफिक साक्ष्य इस दावे का समर्थन नहीं करते।”

डॉक्टर की सलाह से लिया गया पैरासिटामोल प्रेग्नेंसी में सुरक्षित माना जाता है और दर्द या बुखार जैसी स्थिति में यह एक भरोसेमंद विकल्प है।

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