दिल्ली में उद्योग का उत्सव: एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव और अवार्ड समारोह में शामिल होंगे देशभर के उद्यमी

दिल्ली में आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव और अवार्ड समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, जितिन प्रसाद, पंकज चौधरी और परेश रावल होंगे शामिल। 

दिल्ली में आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव और अवार्ड समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, जितिन प्रसाद, पंकज चौधरी और परेश रावल होंगे शामिल।

एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव, एक्सपो और अवार्ड समारोह का आयोजन 9 अक्टूबर को भारत मंडपम में किया जाएगा, जहां देशभर के 26 शहरों में आयोजित एमएसएमई मंथन के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) के क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति, नीति-निर्माता और उद्यमी एक साथ आएंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता परेश रावल भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए एक वैचारिक मंच प्रदान करना है, जहां उद्यमी और नीति-निर्माता मिलकर उद्योग के वर्तमान और भविष्य पर विचार साझा करेंगे। इस कार्यक्रम में 15 श्रेणियों में उत्कृष्ट एमएसएमई उद्यमियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

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केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का कहना है कि इस तरह के मंच से न केवल उद्यमियों को प्रेरणा मिलती है, बल्कि देश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए नीतिगत सुधारों का मार्ग प्रशस्त होता है। वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक रहे हैं, और पिछले चार दशकों से सामाजिक न्याय के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।

जितिन प्रसाद ने नवाचार और आर्थिक सशक्तीकरण के पक्षधर के रूप में भारत की व्यापार नीतियों को मजबूत करने में योगदान दिया है। वहीं, पंकज चौधरी वित्तीय प्रशासन और सामाजिक कल्याण में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध हैं।

इस समारोह के मुख्य आकर्षण में से एक होंगे फिल्म अभिनेता परेश रावल, जिन्हें पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। अपने अभिनय के साथ-साथ सामाजिक योगदान के लिए वे मशहूर हैं।

एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में उद्योग के प्रमुख लोग नवाचार, सामाजिक कल्याण और आर्थिक सशक्तीकरण के संबंध में अपने विचार साझा करेंगे, ताकि भारत के एमएसएमई सेक्टर को नई दिशा मिल सके।

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