सुबह उठते ही आंखों से पानी आने के कारण और समाधान

सुबह उठते ही आंखों से पानी आने के कारण और समाधान

सुबह उठते ही आंखों से पानी आना एक आम समस्या है। जानें इसके कारण जैसे सूखी आंखें, एलर्जी, कॉर्नियल इरोजन और आसान उपाय जिससे आपकी आंखें स्वस्थ रहें।

क्या आपको भी सुबह उठते ही आंखों से पानी आता है? यह एक आम समस्या है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन आंखों में लगातार पानी आना (Watery Eyes) कई बार शरीर में किसी कमी या आंखों की परेशानी का संकेत भी हो सकता है।

सुबह आंखों में पानी आने के मुख्य कारण

1. एपिफोरा: एपिफोरा वह स्थिति है जिसमें आंखें जरूरत से ज्यादा आंसू बनाती हैं या आंसू निकालने की प्रणाली सही तरीके से काम नहीं करती। इसके कारण आंखें लगातार पानी-पानी महसूस हो सकती हैं।

2. अचानक रोशनी या हवा: सुबह अचानक तेज रोशनी या ठंडी हवा, धूल, धुआं, केमिकल्स या मच्छर भगाने वाली स्प्रे आंखों में जलन और पानी का कारण बन सकती हैं।

3. एलर्जिक राइनाइटिस: अगर आपको छींक, नाक बहना और आंखों से पानी आने की समस्या होती है, तो यह एलर्जी का संकेत हो सकता है। इसके लिए कमरे में मौजूद धूल, पालतू जानवरों का डैंडर या ठंडी हवा जिम्मेदार हो सकती है।

4. सूखी आंखें: अजीब लगता है लेकिन सूखी आंखें भी ज्यादा पानी लाती हैं। आंखों की टियर फिल्म में पानी, तेल और म्यूकस की परत होती है। यदि तेल वाली परत कमजोर हो, तो आंखें अंदर से सूखी रहती हैं लेकिन बाहर से पानी बहता है।

also read: वजन कम करने में मददगार: घर पर बनाएं 3 हेल्दी पीनट स्नैक्स…

5. नींद में पलकें पूरी तरह बंद न होना: कुछ लोगों की पलकें सोते समय पूरी तरह बंद नहीं होती, जिससे आंख का एक हिस्सा रातभर सूख जाता है। सुबह उठते ही शरीर इसे बचाने के लिए ज्यादा आंसू बनाता है।

6. कॉर्नियल इरोजन: कभी-कभी हल्की चोट या नाखून की खरोंच से कॉर्निया पर समस्या हो सकती है। सुबह आंख खोलते ही यह परत छिल सकती है, जिससे तेज जलन, पानी और रोशनी से परेशानी हो सकती है।

सुबह आंखों में पानी आने पर क्या करें?

  • धीमी रोशनी में आंखें खोलें: सुबह सीधे तेज रोशनी न पड़े।

  • AC या पंखे की हवा से बचें: हवा की सीधी धारा आंखों को सूखा सकती है।

  • कमरे में नमी बनाए रखें: ह्यूमिडिफायर या पानी से भरे कटोरे का इस्तेमाल करें।

  • एलर्जी कम करें: साफ और धुले हुए बेडशीट-पिलो कवर, एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल फायदेमंद है।

  • रात में केमिकल्स से बचें: मच्छर-रोधी स्प्रे या तेज केमिकल वाली चीजें न प्रयोग करें।

  • सर्द हवा से बचाव: सुबह वॉक के समय चश्मा पहनें; आर्टिफिशियल टीयर या सलाइन ड्रॉप डालना मदद करता है।

  • डॉक्टर से सलाह लें: यदि पलक की किनारों पर इंफेक्शन, ऑयल लेयर की समस्या, कॉर्नियल इरोजन या एक्सपोजर केराटोपैथी हो, तो तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाएं।

Related posts

महिलाओं में बढ़ती विटामिन डी की कमी: जानें लक्षण और बचाव के आसान उपाय

Morning Water Benefits: सुबह खाली पेट पानी पीना सही है या नहीं? गर्म या ठंडा – कौन सा बेहतर?

Cancer symptoms: शरीर में बार-बार गांठ या सूजन: जानिए कब हो जाए सावधान, कौन सी गांठ हो सकती है कैंसर का संकेत

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More