मंत्री डॉ. पंकज सिंह: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि अगले 20 से 25 दिनों में 70 आयुष्मान आरोग्य मंदिर राष्ट्रीय राजधानी में खुल जाएंगे।
दिल्ली की राजधानी में अगले कुछ दिनों में स्वास्थ्य और परिवहन काफी महत्वपूर्ण रहेंगे। दिल्ली के स्वास्थ्य, परिवहन और आईटी मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। 15 अप्रैल को दिल्ली सरकार EV 2.0 पॉलिसी की घोषणा करेगी, जिससे शहर का प्रदूषण बहुत कम होगा।
दिल्ली सरकार के मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने बताया, “किसी भी देश के विकास के लिए ट्रांसपोर्टेशन बेहद जरूरी है। ऐसे में, दिल्ली सरकार बसों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 10 दिनों में इलेक्ट्रिक बसें भी खरीदने जा रही है।
आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन पर एक समझौता साझा किया गया
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पिछले 15 दिन बहुत महत्वपूर्ण रहे हैं। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार ने 5 अप्रैल को राष्ट्रीय राजधानी में आयुष्मान भारत योजना लागू करने के लिए एक समझौता (MOU) पर हस्ताक्षर किए. 10 अप्रैल से, ना सिर्फ आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (ABHIM) को शुरू करने और दिल्ली में आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने के लिए एक MOU भी साझा किया गया।
दिल्ली में अबतक आयुष्मान योजना से कितने परिवार जुड़े?
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा, “दिल्ली में अब तक 1 लाख 75 हज़ार से ज्यादा परिवार आयुष्मान योजना से जुड़ चुके हैं।” उन्हें भी E कार्ड मिल गया है, और अगले हफ्ते सरकार हर विधानसभा में आयुष्मान योजना से जुड़े लोगों को कार्ड देगी।
मंत्री डॉ. पंकज सिंह: दिल्ली में जल्द 70 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुलेंगे
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर की घोषणा करते हुए कहा, “दिल्ली में अगले 20 से 25 दिनों में 70 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुल जाएंगे।” सरकार चाहती है कि 1139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर एक वर्ष में खुल जाएं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि दिल्ली जैसे राज्य में बेहतर प्राथमिक चिकित्सा मिल जाएगी तो 50 फीसदी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
“आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हर तरह की सुविधा होगी।”
उनका कहना था, “हमारी योजना है कि दिल्ली सरकार के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हर प्रकार के प्राथमिक इलाज की सुविधा रहेगी, डॉक्टर होंगे, मरीजों के भर्ती होने के लिए बेड होंगे, जांच की सुविधा होगी, मुफ्त दवाएं मिलेंगी जिससे दिल्ली वाले स्वस्थ रह सकेंगे और लोग खुद आकलन कर सकेंगे कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर मोहल्ला क्लिनिक से बेहतर है।”
किराये वाले मोहल्ला क्लिनिक के पूरी तरह से विरोधी: मंत्री डॉ. पंकज सिंह
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने मोहल्ला क्लिनिक को लेकर कहा, “वो किराए वाले मोहल्ला क्लिनिक के बिल्कुल खिलाफ हैं।” पोर्टा कैबिन में टीन के डब्बे वाला मोहल्ला क्लिनिक भी उनके अनुसार बेकार है और काम नहीं करता। उन्हें ऐसे में आयुष्मान आरोग्य मंदिर में नहीं बदला जा सकता क्योंकि वहाँ सभी प्रकार के प्राथमिक इलाज के अलावा भर्ती और जांच की सुविधा होगी। उन्हें बंद करने का निर्णय सरकार जल्द लेगी। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर दिल्ली सरकार के शहरी आश्रय सुधार बोर्ड और बारात घरों में बनाए जाएंगे। सरकार इसके बारे में काम कर रही है।”
“अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती होगी।”
डॉ पंकज सिंह ने कहा, “आप सरकार में दिल्ली के अस्पतालो में 21 फीसदी डॉक्टरों और नर्सों की कमी थी।” उनकी डेढ़ महीने की सरकार में वह अब 16% रह गई है। सरकार जल्द ही यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि कुछ महीनों में सभी कमी दूर हो जाएगी और अभी भी निरंतर नर्सों और डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। दिल्ली में स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर भी सुधर रहा है।
पंकज सिंह ने कहा कि अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
साथ ही उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार के साथ आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (ABHIM) पर हस्ताक्षर के बाद से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में बेड बढ़ाने का काम शुरू हो चुका है और केंद्र सरकार दिल्ली को 2400 करोड़ रुपये देगी, जिससे दिल्ली में अस्पतालों का निर्माण भी जल्दी से जल्दी हो सके।”
दिल्ली के मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि पिछली सरकार ने 2022 तक कई अस्पतालों की निर्माणाधीन बिल्डिंगों को शुरू किया था, लेकिन उन्हें विरासत में अधूरे काम मिले हैं। उनका कहना था, “2022 तक इंदिरा गांधी अस्पताल बन जाना था लेकिन अभी तक चालू नहीं हो पाया। इसके अलावा, दिल्ली की पिछली सरकार ने 10 हजार बेड बढ़ाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सिर्फ 1 हजार 322 बेड बढ़ाए गए क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी सरकार सिर्फ शीशमहल बनाने में व्यस्त थीं।
एक साल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा: पंकज सिंह
उन्होंने कहा, “एक साल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना हमारी सरकार का टारगेट है, जिससे दिल्ली के लोगों को लगे कि वे राजधानी में रहते हैं। साथ ही, निरीक्षण के दौरान मैंने देखा कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में एक्सपायर्ड दवाइयां थीं और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को टेंडर दिए जा रहे थे, लेकिन ये सब खराब हो गए हैं। साथ ही, सरकार द्वारा पूरी तरह से बंद किए गए जच्चा-बच्चा केन्द्रों को फिर से खोला जा रहा है और फिर से रिवैंप किया जा रहा है।”
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