मनीषा मर्डर केस: हरियाणा के भिवानी में शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य में गहरा आक्रोश और तनाव पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने सड़कें जाम कर प्रदर्शन किया, वहीं पंचायत ने न्याय मिलने तक मनीषा के अंतिम संस्कार पर रोक लगा दी। मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मनीषा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान कर मामले को गंभीरता से निपटाने का भरोसा दिया।
ग्रामीणों का विरोध और पंचायत का फैसला
मनीषा की मौत को आत्महत्या बताने वाली पुलिस की रिपोर्ट को ग्रामीणों ने खारिज कर दिया। ढाणी लक्ष्मण की पंचायत ने घोषणा की कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और सीबीआई जांच नहीं होती, मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पंचायत में भारी संख्या में महिलाएं भी लाठी लेकर बैठीं, जबकि प्रशासन ने गांव के बाहर पुलिस बल तैनात कर इंटरनेट सेवा दो दिनों के लिए बंद कर दी।
सीएम नायब सैनी का सीबीआई जांच का एलान
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार पूरी गंभीरता और पारदर्शिता से मामले की जांच कर रही है। परिवार की मांग पर केस को सीबीआई को सौंपा जाएगा ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और न्याय मिल सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में हर संभव कदम उठाया जाएगा।
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पिता संजय का दर्द और सच्चाई की मांग
मनीषा के पिता संजय ने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उन्होंने पुलिस की आत्महत्या वाली थ्योरी को ठुकराया और न्याय की मांग की। संजय ने खुद एक वीडियो जारी कर कहा कि वह अपनी बेटी के लिए सच का पता लगाना चाहते हैं।
ग्रामीणों और खाप पंचायत की भूमिका
चरखी दादरी की खाप पंचायत ने भी मामले पर चिंता जताई और पुलिस की थ्योरी से असहमति जताई। सर्वखाप ने पीड़ित परिवार का समर्थन किया और एक 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। वहीं ढाणी लक्ष्मण में ग्रामीणों ने सात सदस्यीय नई कमेटी बनाई जो मामले की अगुवाई कर रही है।
हाईवे जाम और पुलिस का लाठीचार्ज
न्याय न मिलने से नाराज छात्र-छात्राओं ने दिल्ली-पटियाला हाईवे जाम कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को हटाया।
विसरा रिपोर्ट और मेडिकल जांच
पुलिस ने विसरा जांच रिपोर्ट के अनुसार मनीषा की मौत कीटनाशक के सेवन से हुई बताई है। साथ ही कहा गया कि शरीर पर कोई दुष्कर्म के निशान नहीं मिले और सुसाइड नोट भी उसके हाथ की लिखावट में पाया गया। हालांकि, ग्रामीण और परिवार इसके विपरीत न्याय की मांग कर रहे हैं।