हरियाणा सरकार ने अपनी पंडित दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब महिलाओं को आर्थिक सहायता साल में दो बार उनके खातों में मिलेगी। यह निर्णय बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के सफल मॉडल से प्रेरित है, जिसमें चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिए 10-10 हजार रुपये डाले गए थे।
हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब गरीब महिलाओं को मासिक 2,100 रुपये देने की बजाय छह महीने में 12,600 रुपये की राशि उनके खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस तरह एक साल में प्रत्येक महिला को कुल 25,200 रुपये मिलेंगे। इससे महिलाओं को न केवल आर्थिक मदद मिलेगी बल्कि वे इस राशि का उपयोग अपने रोजगार या निजी कार्यों में भी कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार में कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को योजना को प्रभावी रूप से लागू करने और कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। योजना नवंबर महीने से लागू है और पहले चरण में उन परिवारों की 23 से 60 साल उम्र की महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है।
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वर्तमान में लगभग छह लाख महिलाओं के खातों में 2,100-2,100 रुपये डाले जा चुके हैं। पूरे राज्य में 20 लाख महिलाओं को चिन्हित किया गया है, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। भविष्य में योजना का दायरा बढ़ाकर और अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने की योजना है।
हरियाणा सरकार का उद्देश्य बिहार में एनडीए की जीत में महिलाओं की भूमिका और उनके आर्थिक योगदान को ध्यान में रखते हुए राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। लाडो लक्ष्मी योजना का वार्षिक बजट पांच हजार करोड़ रुपये रखा गया है और इसे राज्य के वार्षिक बजट में शामिल किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने 26 तारीख को इस योजना का वर्चुअल शुभारंभ किया, जिसमें 75 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में 10-10 हजार रुपये हस्तांतरित किए गए।