Lack Of Sleep Diseases: कम नींद लेना हृदय रोग, डिप्रेशन और मोटापे जैसे गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। जानें कम नींद के खतरे और उसे सुधारने के आसान उपाय।
Lack Of Sleep Diseases: अगर आप भी रात को सिर्फ 5-6 घंटे की नींद लेकर मान लेते हैं कि यह काफी है, तो सतर्क हो जाइए। कम नींद लेना (Less Sleep) सिर्फ थकान ही नहीं लाता, बल्कि यह आपके दिल, दिमाग और इम्यून सिस्टम के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक वयस्क व्यक्ति को रोज़ाना कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी और गुणवत्तापूर्ण नींद (Quality Sleep) लेना ज़रूरी है।
भागदौड़ भरी ज़िंदगी, तनाव, देर रात मोबाइल चलाना, या स्क्रीन टाइम बढ़ना — ये सभी आदतें हमारे स्लीप साइकल को बिगाड़ती हैं। परिणामस्वरूप नींद पूरी न होने पर शरीर में कई तरह की बीमारियों की शुरुआत हो जाती है।
आइए जानते हैं, कम नींद लेने से कौन-कौन सी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और उन्हें रोकने के क्या उपाय हैं।
1. हृदय रोगों का खतरा
कम सोने से शरीर में कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल में वृद्धि होती है। इससे हृदय संबंधी रोगों जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है।
उपाय: रात को 10 बजे तक सोने की आदत बनाएं और स्क्रीन टाइम सीमित करें।
2. मानसिक स्वास्थ्य पर असर
नींद की कमी से मूड स्विंग, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। यह आपकी सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित करता है।
उपाय: सोने से पहले ध्यान (Meditation) और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें।
3. वजन बढ़ना और मोटापा
कम नींद से घ्रेलिन और लेप्टिन जैसे हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं, जिससे भूख बढ़ती है और बार-बार कुछ खाने का मन करता है। इससे मोटापा बढ़ता है।
उपाय: सोने और खाने का एक नियमित समय तय करें। रात का खाना 8 बजे से पहले करें।
4. कमजोर इम्यून सिस्टम
अगर आप रोज कम नींद लेते हैं, तो शरीर संक्रमण से लड़ने में कमजोर पड़ने लगता है। इससे सर्दी-जुकाम, वायरल और दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
उपाय: दिन में कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी और पर्याप्त नींद लें।
5. एकाग्रता और याददाश्त पर असर
कम नींद मस्तिष्क की जानकारी प्रोसेस करने और उसे याद रखने की क्षमता को घटा देती है। यह पढ़ाई, काम और फैसले लेने की क्षमता को प्रभावित करता है।
उपाय: कैफीन का इस्तेमाल सीमित करें और नींद से पहले मोबाइल या टीवी से दूरी बनाएं।
6. डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर
नींद की कमी से इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ सकती है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा उत्पन्न होता है। साथ ही यह हाई ब्लड प्रेशर का भी एक कारण है।
उपाय: सोने से पहले हल्का वॉक करें और दिनभर पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं।
नींद बेहतर करने के लिए अपनाएं ये टिप्स
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रोज एक ही समय पर सोएं और उठें
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बिस्तर पर जाने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी
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कमरे को अंधेरा और शांत रखें
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भारी खाना और कैफीन से रात में बचें
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रिलैक्सिंग म्यूजिक या ध्यान अपनाएं
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