उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के एसआईआर पर सवाल उठाने के बाद पलटवार किया। मौर्य ने 2027 में यूपी में भी एनडीए की जीत का दावा किया, जबकि यादव ने चुनावी साजिश का आरोप लगाया। पढ़ें बिहार चुनाव के बाद की राजनीतिक चर्चाएँ।
बिहार चुनाव के रुझानों को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, जिस पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव में एनडीए की बढ़त के लिए एसआईआर प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि मौर्य ने दावा किया कि जैसे बिहार में एनडीए ने जीत हासिल की है, वैसे ही 2027 में उत्तर प्रदेश में भी एनडीए की विजय होगी।
केशव प्रसाद मौर्य का आत्मविश्वास: “2017 की जीत, 2027 में दोहराएंगे”
बिहार में एनडीए की शानदार जीत पर खुशी जाहिर करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मगध क्षेत्र के बाद अब अवध क्षेत्र में भी एनडीए जीत का परचम लहराएगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मगध जीता, अवध भी जीतेंगे। 2027 में 2017 की जीत दोहराएंगे!”
मौर्य ने आगे कहा कि बिहार में जंगलराज, परिवारवाद और कट्टरवाद हार चुके हैं, जबकि सुशासन, विकास और गरीब कल्याण की जीत हुई है। उन्होंने बिहार की जनता और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में और भी बुरी हार का सामना करना पड़ेगा।
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अखिलेश यादव का एसआईआर पर सवाल उठाना
इससे पहले, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार में एनडीए की जीत को लेकर एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह एक चुनावी साजिश है, जो विभिन्न राज्यों में की जा रही है। यादव ने कहा कि इस साजिश को अब उत्तर प्रदेश में नहीं चलने दिया जाएगा, और इसके लिए सपा “पीडीए प्रहरी” (PDA Prahari) बनाएगी, जो पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी।
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “बिहार में जो खेल एसआईआर ने किया है, वो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, यूपी और बाकी जगहों पर अब नहीं हो पाएगा। इस चुनावी साजिश का भंडाफोड़ हो चुका है। अब हम इसे नहीं होने देंगे। हमारा ‘PPTV’ यानी ‘पीडीए प्रहरी’ चौकस रहकर भाजपा के मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं, छल है।”
बिहार चुनाव परिणाम और एनडीए की भारी बढ़त
बिहार के ताजातरीन आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए 200 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि महागठबंधन केवल 37 सीटों पर सिमटता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा, अन्य दलों के खाते में 6 सीटें जा सकती हैं। इस प्रकार, बिहार में एनडीए की जबरदस्त जीत के संकेत मिल रहे हैं, और महागठबंधन अब तक पूरी तरह से ढह चुका है।