प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कर्तव्य भवन का उद्घाटन किया। इस नए प्रशासनिक भवन से सरकार के कामकाज की गति बढ़ेगी और प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी। जानिए पीएम मोदी ने क्या कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में कर्तव्य भवन का भव्य उद्घाटन किया। इस नए प्रशासनिक भवन को राष्ट्र को समर्पित करते हुए पीएम मोदी ने इसे “देशवासियों के सपनों को साकार करने की तपोभूमि” करार दिया।
कर्तव्य भवन: आधुनिक भारत का नया शक्ति केंद्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि नए भारत की नीतियों और निर्णयों का केंद्र बनेगा। अब गृह मंत्रालय यहीं से काम करेगा, जिससे नीतिगत समन्वय और प्रशासनिक दक्षता को बल मिलेगा।
एकीकृत कार्यालय से घटेगा खर्च, बढ़ेगा कामकाज
पीएम मोदी ने बताया कि अब तक केंद्र सरकार के मंत्रालय दिल्ली में 50 अलग-अलग स्थानों से काम करते थे, जिनमें से अधिकांश किराए पर थे। हर साल लगभग 1,500 करोड़ रुपये किराए में खर्च होते थे, लेकिन अब एकीकृत भवन बनने से यह खर्च बचेगा और कामकाज भी तेज़ होगा।
कर्तव्य भवन की विशेषताएं:
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ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन
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रूफटॉप सोलर पैनल्स
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ऊर्जा दक्षता
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आधुनिक सुविधाओं से युक्त कार्यस्थल
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स्मार्ट ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर
पीएम मोदी ने कहा, “21वीं सदी के भारत को ऐसे ऑफिस चाहिए, जो आधुनिक, पारदर्शी और समन्वित हों।”
नया भारत, नई सोच
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कर्तव्य भवन हो, नया संसद भवन हो, या रक्षा मंत्रालय का नया कार्यालय — ये सब विकसित भारत के प्रतीक हैं। यह सब दर्शाता है कि सरकार गवर्नेंस में आधुनिकता और पारदर्शिता ला रही है।
देशभर में बुनियादी ढांचे का व्यापक विकास
पीएम मोदी ने बताया कि:
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30,000 से अधिक पंचायत भवन बनाए गए
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4 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के मकान मिले
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300 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज शुरू हुए
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1300+ रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प हो रहा है
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90 नए हवाईअड्डे निर्माणाधीन हैं
कर्तव्य शब्द का गहरा संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा, “कर्तव्य केवल एक शब्द नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में कर्म का सार है। यह भवन जनसेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक है।”