“भारत-जर्मनी बैठक में बड़ा ऐलान: अब भारतीय यात्रियों को जर्मनी के एयरपोर्ट से होकर यात्रा करने के लिए ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं। जानें इस फैसले से यात्रा में क्या बदलाव आएंगे।”
भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की सोमवार, 12 जनवरी को हुई बैठक में रक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ा ऐलान भी किया गया।
बैठक के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें से एक महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि अब भारत के नागरिकों को जर्मनी में ट्रांजिट वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इसका मतलब है कि भारतीय यात्री जर्मनी के एयरपोर्ट से होकर अन्य देशों की यात्रा कर सकते हैं बिना किसी ट्रांजिट वीजा के।
ट्रांजिट वीजा क्या होता है?
ट्रांजिट वीजा का उद्देश्य किसी देश के एयरपोर्ट से होकर दूसरी देश में जाने वाले यात्रियों को अस्थायी अनुमति देना है। पहले, यदि भारतीय नागरिक को किसी तीसरे देश की यात्रा करनी होती और मार्ग जर्मनी के एयरपोर्ट से होकर गुजरता था, तो उन्हें जर्मनी का ट्रांजिट वीजा लेना अनिवार्य था।
अब जर्मनी की सरकार के इस फैसले के बाद भारतीय यात्री सीधे जर्मनी के एयरपोर्ट से अपनी फ्लाइट बदलकर किसी अन्य देश की यात्रा कर सकते हैं। इससे यात्रियों का समय और खर्च दोनों बचेंगे, साथ ही यात्रा प्रक्रिया भी सरल और सुगम होगी।
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भारत-जर्मनी सहयोग में नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। रक्षा, व्यापार, खनिज और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में समझौतों के साथ ही यह निर्णय भारतीय और जर्मन नागरिकों के बीच यात्रा को भी आसान बनाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांजिट वीजा में यह छूट भारत-जर्मनी के रिश्तों में विश्वास और आपसी सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पर्यटन, व्यापार और शैक्षिक यात्रा में भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
क्या बदलाव आएंगे यात्रियों के लिए?
भारतीय नागरिक अब जर्मनी के एयरपोर्ट पर ट्रांजिट वीजा के बिना उतर सकते हैं।
जर्मनी से होकर तीसरे देश की यात्रा में अब कोई अतिरिक्त वीजा प्रक्रिया नहीं होगी।
समय और यात्रा खर्च में कमी आएगी।
व्यवसायिक, शिक्षा और पर्यटन यात्रा के अवसरों में वृद्धि होगी।
जर्मनी सरकार के इस निर्णय से भारतीय यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी और दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को भी नया आयाम मिलेगा।