भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई यादगार पल आए हैं, लेकिन कुछ साझेदारियां ऐसी हैं जो आज भी फैंस के दिलों में जीवित हैं। टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने कई बार ऐसी साझेदारी निभाई है जिसने विरोधी टीम को दबा दिया। आइए जानते हैं भारत की टेस्ट क्रिकेट में अब तक की सबसे बड़ी टॉप 5 साझेदारियां, जिन्होंने रिकॉर्ड बुक में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
1. पंकज रॉय और वीनू मांकड़ – 413 रन (पहला विकेट)
भारतीय टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड पंकज रॉय और वीनू मांकड़ के नाम है। 1956 में चेन्नई में खेले गए टेस्ट मैच में दोनों ने पहले विकेट के लिए 413 रन जोड़े थे। इस साझेदारी ने उस दौर के सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी ने विरोधी गेंदबाजों की बोलती बंद कर दी।
2. वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ – 410 रन (पहला विकेट)
2006 में पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर में हुई इस साझेदारी ने भारतीय क्रिकेट फैंस के दिलों में खास जगह बनाई। वीरेंद्र सहवाग ने धमाकेदार 254 रन बनाए जबकि राहुल द्रविड़ ने 128 रन की ठोस पारी खेली। दोनों ने मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाजों को पूरी तरह थका दिया और भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई।
also read: IND vs AUS ODI Series: भारत से मुकाबले से पहले…
3. वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ – 376 रन (दूसरा विकेट)
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में फॉलोऑन के बाद भारत ने यह मैच जीतकर इतिहास रच दिया। वीवीएस लक्ष्मण ने 281 और राहुल द्रविड़ ने 180 रन बनाते हुए 376 रनों की साझेदारी की। इस अद्भुत प्रदर्शन ने ‘मिरेकल ऑफ ईडन गार्डन्स’ का नाम कमाया और भारत को एक यादगार जीत दिलाई।
4. मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा – 370 रन (दूसरा विकेट)
2013 में हैदराबाद टेस्ट में मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा की जोड़ी ने दूसरी विकेट के लिए 370 रन जोड़े। पुजारा ने 204 जबकि विजय ने 167 रन की काबिलेतारीफ पारी खेली। इस साझेदारी ने भारत को पारी और 135 रन से बड़ी जीत दिलाई।
5. अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली – 365 रन (चौथा विकेट)
2016 के इंदौर टेस्ट में विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने चौथे विकेट के लिए 365 रन जोड़कर विपक्षी गेंदबाजों की कमर तोड़ दी। कोहली ने 211 जबकि रहाणे ने 188 रन बनाए। यह साझेदारी आधुनिक भारतीय क्रिकेट की तकनीक और आक्रामकता का बेहतरीन उदाहरण बनी।