ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म ‘होमबाउंड’: यूपी के बस्ती के दो दोस्तों की सच्ची कहानी ने दुनिया को किया इमोशनल

ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म ‘होमबाउंड’: यूपी के बस्ती के दो दोस्तों की सच्ची कहानी ने दुनिया को किया इमोशनल

ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म ‘होमबाउंड’ उत्तर प्रदेश के बस्ती के दो दोस्तों अमृत और सैय्यूब की सच्ची और भावुक कहानी है, जिसने पूरी दुनिया को छू लिया। जानिए इस फिल्म और इसके पीछे की प्रेरणादायक कहानी।

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के छोटे से गांव देवरी की दो सच्ची दोस्ती और संघर्ष की कहानी पर बनी फिल्म ‘होमबाउंड’ ने पूरे विश्व को भावुक कर दिया है। यह फिल्म ऑस्कर 2026 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में नामित की गई है और अब तक फिल्म जगत में खूब चर्चा में है।

होमबाउंड: देवरी के अमृत और सैय्यूब की प्रेरणादायक कहानी

फिल्म ‘होमबाउंड’ की कहानी बस्ती के देवरी गांव के दो मजदूर दोस्तों, अमृत और सैय्यूब के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। कोविड-19 महामारी के दौरान अमृत की गुजरात से बस्ती लौटते वक्त सैय्यूब की गोद में मृत्यु हो गई, जिसकी तस्वीर ने दोस्ती और इंसानियत की मिसाल कायम की। इस भावुक घटना को फिल्म में दर्शाया गया है, जिसने दर्शकों के दिलों को छू लिया।

नेशनल अवॉर्ड विजेता नीरज घेवान के निर्देशन में बनी फिल्म

‘होमबाउंड’ का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नीरज घेवान ने किया है, जबकि करण जौहर और अदर पूनावाला के प्रोडक्शन हाउस ने इसे प्रोड्यूस किया है। फिल्म को पहली बार मई 2025 में कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया था, जहां इसे दर्शकों ने 9 मिनट तक खड़े होकर तालियों से सम्मानित किया।

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सैय्यूब और अमृत के परिवारों की भावुक कहानी

हालांकि, अमृत और सैय्यूब के परिवार अब तक फिल्म नहीं देख पाए हैं। हाल ही में निर्देशक नीरज घेवान की टीम ने दुबई में सैय्यूब से मुलाकात की और पूरी फिल्म दिखाई, जो उनके लिए एक इमोशनल पल था। अमृत के परिवार को फिल्म के बारे में कुछ जानकारी भी मिली, जिससे वे भावुक हो उठे।

अमृत के परिवार की आर्थिक स्थिति और सैय्यूब की मदद

अमृत के निधन के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। सैय्यूब ने अमृत की बहनों की शादी में आर्थिक मदद देकर सच्चे दोस्त की भूमिका निभाई। वर्तमान में सैय्यूब दुबई में मजदूरी कर रहे हैं, जबकि अमृत का परिवार बस्ती में छोटी सी दुकान चलाकर गुजारा करता है।

निर्देशक ने परिवार की मदद का किया वादा

दुबई में सैय्यूब और निर्देशक नीरज घेवान की मुलाकात के दौरान परिवार की आर्थिक समस्याओं को जानकर नीरज ने मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि ‘होमबाउंड’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि दोस्ती, संघर्ष और त्याग की सच्ची कहानी है।

‘होमबाउंड’ ने साबित किया कि सच्ची कहानियां विश्व स्तर पर पहचान बनाती हैं

बस्ती के इस छोटे से गांव की कहानी का ऑस्कर तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि इंसानियत और दोस्ती की सच्ची मिसालें दुनिया को गहराई से छूती हैं। अब इंतजार है कि ‘होमबाउंड’ ऑस्कर में क्या कमाल दिखाती है, लेकिन यह फिल्म अमृत और सैय्यूब की दोस्ती को हमेशा के लिए अमर कर चुकी है।

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