Hemkund Sahib Yatra 2025 की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल गुरमीत सिंह ने ऋषिकेश से पहले जत्थे को रवाना किया। पढ़ें पूरी खबर।
Hemkund Sahib Yatra Begins 2025: उत्तराखंड के पवित्र सिख तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने गुरुवार को ऋषिकेश से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जत्था पंज प्यारों की अगुवाई में रवाना हुआ, जिसमें देशभर से आए श्रद्धालु शामिल हैं।
हेमकुंड साहिब यात्रा: भक्ति, आस्था और साहस की मिसाल
चमोली जिले में समुद्रतल से 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस साल 25 मई 2025 को तीर्थस्थल के कपाट खुलेंगे। राज्यपाल ने इस यात्रा को “आस्था और आत्मबल की परीक्षा” बताते हुए कहा कि सरकार यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने बताए यात्रा से जुड़े बड़े अपडेट
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हेमकुंड साहिब को दिव्य ऊर्जा का केंद्र माना जाता है और इस दुर्गम स्थल की यात्रा श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक शक्ति और समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि अब तक 60,000 से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोविंदघाट में वैली ब्रिज का निर्माण कराया गया है और जल्द ही वहां स्थायी पुल भी बनाया जाएगा।
प्लास्टिक फ्री यात्रा और वोकल फॉर लोकल पर ज़ोर
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने यात्रियों से प्लास्टिक मुक्त यात्रा अपनाने की अपील की और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की सराहना की।
टेक्नोलॉजी की मदद: ‘इटरनल गुरु’ चैटबॉट लॉन्च
इस अवसर पर, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय और हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट द्वारा विकसित AI-आधारित चैटबॉट ‘इटरनल गुरु’ का अपग्रेडेड वर्जन भी लॉन्च किया गया। यह चैटबॉट गुरबाणी आधारित ज्ञान उपलब्ध कराता है और श्रद्धालुओं के लिए एक डिजिटल सहायक की तरह कार्य करेगा।
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