Haryana Vidhan Sabha Session: आज हरियाणा विधानसभा का तीसरा दिन है। 2 दिन की कार्यवाही में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद अब कुछ महत्वपूर्ण बिल प्रस्तुत किए जाएंगे। वर्तमान 15वें हरियाणा विधानसभा के पहले सत्र में राज्य के मुख्यमंत्री नायब सैनी सदन में चार अतिरिक्त विधेयक प्रस्तुत करेंगे।
Haryana Vidhan Sabha Session: आज हरियाणा विधानसभा का तीसरा दिन है। 2 दिन की कार्यवाही में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद अब कुछ महत्वपूर्ण बिल प्रस्तुत किए जाएंगे। वर्तमान 15वें हरियाणा विधानसभा के पहले सत्र में राज्य के मुख्यमंत्री नायब सैनी सदन में चार अतिरिक्त विधेयक प्रस्तुत करेंगे। 2024 में पारित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (हरियाणा संशोधन) कानून सबसे महत्वपूर्ण कानून होगा।
इस विधेयक से राज्य के 22 जिलों और प्रदेश के लगभग 3 दर्जन उप-मंडलों में स्थापित ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालतों की क्षमता 10 गुना बढ़ जाएगी। वर्तमान में, वह अधिकतम 3 वर्ष तक की जेल या 50 हजार रुपये तक की सजा या सामुदायिक सेवा का दंडादेश दे सकता है। जुर्माने की अधिकतम राशि को 50 हजार रुपए से 10 गुना बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने के लिए इसमें बदलाव किया गया है।
धारा 23(3) के अनुसार, द्वितीय श्रेणी का ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट वर्तमान में सामुदायिक सेवा या अधिकतम 10 हजार रुपए तक का जुर्माना या अधिकतम एक वर्ष तक का कारावास का दंडादेश दे सकता है। इसमें अब संशोधन कर जुर्माने की राशि को मौजूदा अधिकतम 10 हजार रुपए से 10 गुना बढ़ाकर एक लाख रुपए करने का प्रावधान किया जा रहा है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (हरियाणा संशोधन) विधेयक, 2024 को अगले सप्ताह हरियाणा विधानसभा सदन से पारित होने के बाद, कानूनी विश्लेषक हेमंत कुमार ने बताया कि इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। यह विधेयक फिर राष्ट्रपति भवन को भेजा जाएगा। इस संशोधित विधेयक को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ही स्वीकार करेंगी। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में कुछ महीने लग सकते हैं। इसके बाद ही पारित कानून विधिवत तौर पर लागू हो सकेगा।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, जो 2023 में लागू की गई थी, 1 जुलाई 2024 से देश भर में लागू होगी, हेमंत कुमार बताते हैं। 1973 में, इसने कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर (CRPC), जो 51 साल पुराना था, को बदल दिया।
विधानसभा सत्र के पहले दिन गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय ने अभिभाषण दिया। इसमें गवर्नर ने दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। बाद में गवर्नर के अभिभाषण में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने मंत्री अनिल विज के जीवन को खतरा बताने वाले बयान का जिक्र किया।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि अनिल विज को गृहमंत्री बना देना चाहिए था। इसके अलावा, अशोक अरोड़ा ने CM से प्रतिक्रिया भी मांगी। कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा इसका विरोध करते हैं। ढांडा के खिलाफ भूपेन्द्र हुड्डा खड़े हुए। उन्होंने ढांडा से कहा कि आप लोग इतनी देर से गप्पें मार रहे हो, हम भी तो सुन ही रहे हैं न। इसलिए आप भी सुनिए। CM को विधायक की मांग माननी चाहिए।
सत्र के शुरुआती दिन सात विधेयक प्रस्तुत किए गए। इनमें हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2024, हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (संशोधन) विधेयक 2024, हरियाणा नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2024, हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक 2024, हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2024, हरियाणा सिख गुरुद्वारा (संशोधन) विधेयक 2024 और हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) विधेयक 2024 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दूसरे दिन की कार्यवाही में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण पर चर्चा की। इस दौरान CM ने टिप्पणी की कि विपक्ष को नेता नहीं बनाया जाना चाहिए था। लेटर ऊपर से नहीं आया। यह सुनकर पूर्व प्रधानमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने पंजाबी में कहा कि बने या न बने, आपको क्या?
CM ने कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला को भी सलाह दी कि वह पिता रणदीप सुरजेवाला के मार्ग पर नहीं चलें। कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने भी कहा कि भाजपा को EVM की पूजा करनी चाहिए। भाजपा के कई विधायकों ने इस घोषणा का विरोध करते हुए अपनी सीटों से खड़े हो गए।