Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में 857 योग सहायकों की नियुक्ति करके शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इस उद्देश्य को भी अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्र मजबूती देगा।
Haryana News: शिक्षा का असली उद्देश्य बचपन में योग का अभ्यास करना है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मन को भी संतुलित और एकाग्र करता है। इसलिए हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को योग सिखाने के लिए नियमित रूप से “योग सहायक” नियुक्त किए जाएंगे। आयुष विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने हरियाणा योग आयोग की समीक्षा बैठक में इस फैसले की घोषणा की।
स्कूलों में योग सहायक नियुक्त होंगे
बैठक ने निर्णय लिया कि पहले चरण में 857 योग सहायकों की नियुक्ति की जाएगी। ये सहायक पीएम श्री स्कूलों, क्लस्टर स्कूलों और मॉडल संस्कृति स्कूलों में कार्य करेंगे। इसका लक्ष्य छात्रों को बचपन से ही योग की शिक्षा देना है, जिससे वे मानसिक रूप से मजबूत और शारीरिक रूप से स्वस्थ बन सकें।
राज्य में अंतरराष्ट्रीय मेडिटेशन सेंटर का निर्माण होगा
राजपाल ने यह भी कहा कि राज्य में एक विश्वस्तरीय मेडिटेशन सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को जल्द से जल्द भूमि का चयन करने का आदेश दिया गया है।
योग जिम्नेजियम्स की मरम्मत के लिए भारी धनराशि
इसके अलावा, राज्य के योग जिम्नेजियम्स को पुनर्जीवित करने के लिए एक योजना भी बनाई गई है। पंचायत विभाग को एक सप्ताह के भीतर मरम्मत रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। इस परियोजना के लिए आठ करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
राजपाल ने कहा कि योग सिर्फ एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है, इसलिए इसे शिक्षा प्रणाली में मजबूती से शामिल करना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी विश्वविद्यालयों में योग का एक मॉडल पाठ्यक्रम बनाया जाए, जो विद्यार्थियों के नियमित पाठ्यक्रम में शामिल हो सकता है।
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