हरियाणा में लागू हुई नई GST दरें, जिसमें पैक्ड दूध, कृषि उपकरण, छोटी कारों पर टैक्स में कटौती शामिल है। जानें कैसे ये बदलाव किसानों, मध्यम वर्ग और आम लोगों को ₹4,000 करोड़ का लाभ पहुंचाएंगे।
केंद्र सरकार द्वारा GST दरों में किए गए संशोधन के बाद हरियाणा में सोमवार से नई GST दरें लागू कर दी गई हैं। GST काउंसिल की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश सरकार ने हरियाणा माल एवं सेवा कर (HGST) की दरों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिससे प्रदेश के गरीब, किसान और मध्यम वर्ग को करीब ₹4,000 करोड़ का लाभ मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा में GST दरों में प्रमुख बदलाव
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पैक्ड दूध और पनीर पर GST पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
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घी, मक्खन और सूखे मेवों पर GST दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है।
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रोटी, परांठा जैसे खाद्य पदार्थों पर GST समाप्त, जिससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
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आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं और जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा पर GST खत्म कर दिया गया।
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डायग्नोस्टिक किट जैसे ग्लूकोमीटर पर GST 5% तय की गई है।
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छोटी कारों पर GST दर 28% से घटाकर 18%, जिससे मध्यम वर्ग के लिए कार खरीदना सस्ता होगा।
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तंबाकू उत्पाद, पान मसाला, सिगरेट, चीनी युक्त एयरियेटिड वाटर और कैफीन युक्त पेय पदार्थों पर GST 40% तय कर हानिकारक वस्तुओं की खपत कम करने का लक्ष्य।
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सीमेंट पर GST कम होने से मकान निर्माण की लागत घटेगी।
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सिंचाई और जुताई मशीनरी, कृषि उपकरणों पर GST 12% से घटाकर 5%, जिससे किसानों को सस्ते उपकरण मिलेंगे।
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जैव-कीटनाशक, उर्वरक जैसे अमोनिया, सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड पर 5% GST।
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ट्रैक्टर और उसके पुर्जों पर भी GST दरें कम की गई हैं।
व्यापारियों के लिए राहत
दो करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले व्यापारियों और उद्यमियों को अब वार्षिक GST रिटर्न भरने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे कारोबार में सरलता आएगी।
हरियाणा की आर्थिक समृद्धि में बढ़ावा
इन नई GST दरों से न सिर्फ आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी मजबूत समर्थन मिलेगा। इससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।