हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हर जिले में मॉडल अस्पताल बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया। सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने हर जिले में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस मॉडल अस्पताल बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इन अस्पतालों में सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, आधुनिक लैबोरेट्री और विशेषज्ञ इलाज जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
10 अस्पताल जनता को समर्पित, 22 पर निर्माण जारी
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रश्नकाल के दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि अब तक 10 आधुनिक अस्पताल जनता को समर्पित किए जा चुके हैं, जबकि 22 अन्य अस्पतालों का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्यान सिर्फ भवन निर्माण पर नहीं, बल्कि इलाज की गुणवत्ता, उपलब्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहले की सरकारों के समय स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार प्राथमिकता में नहीं था। वर्ष 2014 में प्रदेश को सालाना केवल चार स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलते थे, जबकि अब यह संख्या करीब 200 हो चुकी है। इससे सरकारी अस्पतालों में लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।
मेडिकल शिक्षा में प्रगति
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2014 में एमबीबीएस की सीटें केवल 700 थीं, जो अब बढ़कर 2500 से अधिक हो गई हैं। इससे आने वाले वर्षों में डॉक्टरों की कमी कम होगी और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
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अस्पतालों की क्षमता और गुणवत्ता बढ़ाई जा रही
सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए अस्पतालों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। 30 बेड के अस्पताल 50 बेड, 50 बेड को 100 बेड, 100 बेड को 200 बेड और 200 बेड को 400 बेड में अपग्रेड किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता, दवाइयों की उपलब्धता और जांच सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों में किफायती इलाज
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि जो डॉक्टर मरीजों को बाहर से दवा या जांच लिखते हैं, उनकी निगरानी की जाएगी। नूंह जिले में जल्द ही सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को बुनियादी जांच के लिए दूर न जाना पड़े।
अधूरी इमारतें 2026 तक पूरी
लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि अधूरी स्वास्थ्य इमारतों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे कई ऐसे अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र शुरू होंगे, जो वर्षों से अधूरे पड़े थे।
नए नर्सिंग कॉलेज और ट्रामा सेंटर
सफीदों में नर्सिंग कॉलेज और असंध में 100 बेड का अस्पताल व ट्रामा सेंटर बनाए जाएंगे। करनाल-असंध मार्ग और दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पास ट्रामा सुविधाओं का विकास किया जाएगा।