क्या हैंड सैनेटाइजर से कैंसर का खतरा है? जानें एक्सपर्ट की राय, एथेनॉल की सुरक्षा, और हैंड सैनेटाइज़र के सही इस्तेमाल के बारे में।
कोरोना महामारी के बाद हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल हर जगह बढ़ गया है – घर, ऑफिस, स्कूल, मॉल और सार्वजनिक परिवहन में। लोग इसे बैक्टीरिया और वायरस से सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद तरीका मानते हैं। लेकिन अब सवाल उठता है कि क्या हैंड सैनेटाइजर के नियमित इस्तेमाल से कैंसर या स्वास्थ्य संबंधी कोई खतरा हो सकता है?
हैंड सैनेटाइजर में एथेनॉल और सुरक्षा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हाथों की सफाई के लिए एथेनॉल आधारित हैंड सैनेटाइज़र पूरी तरह सुरक्षित हैं। लंबे समय तक नियमित इस्तेमाल करने से भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम नहीं होता।
also read: Sattu Shake vs Protein Powder: कौन है ज्यादा फायदेमंद?…
यूरोप में एथेनॉल पर उठ रहे सवाल
हाल ही में यूरोपीय यूनियन की एजेंसी (ECHA) ने एक आंतरिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें एथेनॉल को संभावित हानिकारक बताया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि यह कैंसर और गर्भावस्था में जोखिम बढ़ा सकता है। ECHA की बायोसाइडल प्रोडक्ट्स कमेटी नवंबर में इस मामले पर वैज्ञानिक सबूतों की समीक्षा करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो एथेनॉल के विकल्प सुझाए जा सकते हैं।
एक्सपर्ट की राय
अमृता हॉस्पिटल, गांधीनगर के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विशाल पटेल का कहना है कि “वर्तमान वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि एथेनॉल आधारित हैंड सैनेटाइज़र का सामान्य इस्तेमाल सुरक्षित है। सीमित या नियमित उपयोग से गंभीर नुकसान की संभावना बहुत कम है।”
अमेरिका के CDC और FDA भी एथेनॉल या आइसोप्रोपाइल अल्कोहल पर आधारित हैंड सैनेटाइज़र को सबसे भरोसेमंद विकल्प मानते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हैंड सैनेटाइज़र प्रभावी हो, इसमें कम से कम 60% एथेनॉल होना चाहिए।