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गोरखपुर में आधुनिक फॉरेंसिक लैब की स्थापना के साथ अब DNA जांच जैसी उच्च तकनीक की जांच भी संभव होगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के नवीनतम उच्चीकृत भवन (G+6) का उद्घाटन किया। इस परियोजना पर कुल 72.78 करोड़ रुपये की लागत आई है।
सीएम योगी ने कहा कि यह अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब आधुनिक पुलिसिंग के लिए गेम चेंजर साबित होगी। अब अपराधियों का पता लगाने और अपराधों की जांच में तेजी आएगी। पहले, फॉरेंसिक जांच जैसे बेलेस्टिक जाँच में समय लगता था, लेकिन नई सुविधा के साथ DNA जाँच सहित सभी महत्वपूर्ण जांच अब गोरखपुर की लैब में ही की जा सकेगी।
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नौकरी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
सीएम योगी ने बताया कि इस लैब के माध्यम से प्रदेश में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। लखनऊ में स्थापित UP Forensic Institute के विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक में प्रशिक्षित किया जाएगा। नई लैब सभी प्रकार की साक्ष्य आधारित जांच में सक्षम होगी और अपराधियों को समय पर सजा दिलाने में मदद करेगी।
भर्ती प्रक्रिया और पुलिसिंग में सुधार
सीएम योगी ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का भी दावा किया। उन्होंने बताया कि पिछले आठ सालों में 2 लाख 19 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। प्रदेश सरकार ने यूपी के 7 जिलों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया है, जिससे अपराधी तेजी से पकड़ में आते हैं।
उच्चीकृत लैब की विशेषताएं
गोरखपुर की नई लैब में लैपटॉप, मोबाइल, सीसीटीवी डेटा रिकवरी और आवाज़ संबंधी फॉरेंसिक जांच जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इससे जांच की प्रक्रिया और सटीकता दोनों में सुधार होगा। सीएम योगी ने कहा कि हर मंडल में अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब का निर्माण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
गोरखपुर की इस सुपरमॉडर्न फॉरेंसिक लैब से प्रदेश की पुलिसिंग प्रणाली मजबूत होगी और अपराध नियंत्रण में सुधार आएगा।