Fainting and Heart Disease: बार-बार बेहोशी सिर्फ थकान नहीं, यह दिल की बीमारी का संकेत भी हो सकता है। जानें कारण, लक्षण और कब डॉक्टर से संपर्क करें।
Fainting and Heart Disease: बार-बार बेहोश होना अक्सर मामूली समस्या माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यह दिल से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
सामान्य तौर पर, जीवन में 15-25 प्रतिशत लोग कभी न कभी बेहोशी का अनुभव करते हैं। कई बार इसे थकान, तनाव, पानी की कमी या भूख से जोड़कर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ मामलों में यह दिल की बीमारी, जैसे हार्ट अटैक या अरिदमिया (दिल की धड़कन में गड़बड़ी), का पहला संकेत हो सकता है।
हार्ट एक्सपर्ट का दृष्टिकोण
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, नई दिल्ली के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, “बेहोशी दो प्रकार के लोगों में होती है – जिनका दिल पूरी तरह स्वस्थ है और जिनका दिल पहले से कमजोर है। खासकर उन लोगों में जिनका दिल कमजोर या पंपिंग फंक्शन कम है, बेहोशी का खतरा ज्यादा होता है। कई बार यह दिल की धड़कन में गड़बड़ी यानी अरिदमिया का पहला संकेत भी हो सकता है।”
हार्ट अटैक और बेहोशी का संबंध
तेज या धीमी धड़कन, वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया, वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन जैसी स्थितियां, या दिल की कुछ सेकंड के लिए धड़कन रुक जाना, दिमाग तक रक्त प्रवाह कम कर सकती हैं। इससे अचानक बेहोशी आ सकती है। इसके अलावा, खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिर जाना भी आम वजह है।
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कब बढ़ जाती है दिक्कत?
समस्या तब गंभीर हो जाती है जब बेहोशी को मिर्गी या फिट समझ लिया जाता है। गलत पहचान से मरीज अनावश्यक जांच और इलाज से गुजरते हैं, जबकि असली कारण दिल से जुड़ा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर सही पहचान और इलाज से परिणाम अच्छे होते हैं, लेकिन अनदेखी होने पर जान का खतरा भी बन सकता है।
किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
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बार-बार या बिना कारण बेहोश होना
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एक्सरसाइज, लेटते समय या अचानक बेहोशी
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सीने में दर्द या तेज धड़कन
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सांस फूलना
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परिवार में अचानक मौत का इतिहास
कार्डियोलॉजिस्ट कहते हैं, “सिन्कोपी (बेहोशी) कोई बीमारी नहीं, बल्कि लक्षण है। असली सवाल यह है कि दिमाग तक ब्लड फ्लो क्यों अचानक कम हुआ।”
शुरुआती जांच से बचाव संभव
दिल से जुड़ी कई खतरनाक स्थितियों को शुरुआती जांच से पहचानना संभव है। साधारण ईसीजी, हार्ट मॉनिटरिंग या इको टेस्ट से यह पता लगाया जा सकता है कि बेहोशी का कारण मामूली है या गंभीर। समय पर पहचान और उपचार से मरीज सुरक्षित रह सकते हैं।