जानें फरवरी 2026 में विजया और आमलकी एकादशी की तारीख, शुभ मुहूर्त, व्रत पारण समय और महत्व। इस दिन व्रत रखने से पाप नष्ट होते हैं और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।
फरवरी 2026 में फाल्गुन माह की विजया एकादशी और आमलकी एकादशी व्रत की तिथियाँ और मुहूर्त घोषित कर दिए गए हैं। ये दोनों एकादशी व्रत अत्यंत पुण्यदायक माने जाते हैं और इनकी पूजा करने से व्यक्ति को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इन व्रतों से सारे पाप धुल जाते हैं और जीवन में शांति, सुख और समृद्धि आती है।
विजया एकादशी – 13 फरवरी 2026
-
तिथि: फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी, 12 फरवरी 2026 दोपहर 12:22 बजे से शुरू होकर 13 फरवरी 2026 दोपहर 2:25 बजे समाप्त होगी।
-
मुहूर्त:
-
चर मुहूर्त: सुबह 06:48 – सुबह 08:15
-
लाभ मुहूर्त: सुबह 08:15 – सुबह 09:41
-
अमृत मुहूर्त: सुबह 09:41 – सुबह 11:08
-
-
व्रत पारण: 14 फरवरी 2026 सुबह 07:00 – 09:14 बजे
-
महत्व: विजया एकादशी का व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय, कठिन परिस्थितियों से मुक्ति, और सभी पापों का नाश होता है।
also read: फाल्गुन मास 2026: फाल्गुन मास कब से शुरू? महाशिवरात्रि से…
आमलकी एकादशी – 27 फरवरी 2026
-
तिथि: फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी, 27 फरवरी 2026 सुबह 12:33 बजे से शुरू होकर रात 10:32 बजे समाप्त होगी।
-
मुहूर्त:
-
चर मुहूर्त: सुबह 07:01 – सुबह 08:25
-
लाभ मुहूर्त: सुबह 08:25 – सुबह 09:48
-
अमृत मुहूर्त: सुबह 09:48 – सुबह 11:12
-
-
व्रत पारण: 28 फरवरी 2026 सुबह 06:47 – 09:06 बजे
-
महत्व: आमलकी एकादशी का व्रत करने से 100 गायों के दान जितना पुण्य मिलता है। यह व्रत पितृ दोष निवारण के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
एकादशी व्रत का महत्व
एकादशी व्रत को हरितोष व्रत भी कहा जाता है, जो भगवान की प्रसन्नता के लिए रखा जाता है। इस दिन की गई विष्णु पूजा, दान, हवन और भजन कई जन्मों तक शुभ फल देते हैं। विशेष रूप से विजया और आमलकी एकादशी व्रत रखने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है।