फैटी लिवर के शुरुआती लक्षणों जैसे पेट में दर्द, भारीपन और अपच को पहचानें। जानें इससे बचाव के उपाय और लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी आदतें।
फैटी लिवर की समस्या आजकल तेजी से बढ़ रही है और यह पेट में दर्द और असहजता का कारण बन सकती है। हालांकि, इस समस्या के शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं या कभी नजर नहीं आते, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार फैटी लिवर के संकेत अक्सर पेट और एब्डॉमिनल एरिया में महसूस होते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है।
फैटी लिवर क्या है?
फैटी लिवर तब होता है जब लिवर में अतिरिक्त चर्बी जमा हो जाती है, और यह शराब के सेवन से संबंधित नहीं होता। जब लिवर में फैट जमा होने लगता है, तो वह सूज सकता है और इसके कारण पेट में दबाव और दर्द महसूस हो सकता है। इस स्थिति का पता शुरुआत में लगाना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसके लक्षण सामान्यतः हल्के होते हैं।
फैटी लिवर के पेट से जुड़े शुरुआती लक्षण
1. दाईं ओर पेट में दर्द या भारीपन
लिवर शरीर के दाईं पसलियों के नीचे स्थित होता है। जब उसमें फैट जमा होता है, तो दर्द या भारीपन का अहसास हो सकता है। यह दर्द अक्सर हल्का और निरंतर होता है, जिसे लोग गैस या बदहजमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
2. पेट फूलना और जल्दी भरने का एहसास
कई मरीजों का कहना है कि थोड़ी सी मात्रा में भोजन करने पर भी पेट भारी लगने लगता है। इसमें गैस, सूजन और डकारें शामिल हो सकती हैं। यह लिवर की धीमी कार्यप्रणाली के कारण पाचन में रुकावट उत्पन्न होती है।
3. मतली और अपच की समस्या
फैटी लिवर के कारण मतली और हल्की अपच जैसी समस्याएं आम हैं, खासतौर पर तले-भुने या मसालेदार भोजन के बाद। यह लिवर की क्षमता कम होने के कारण पाचन पर असर डालता है।
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4. भूख का कम लगना
फैटी लिवर वाले व्यक्ति में भूख की कमी हो सकती है। इससे वजन कम होने और भोजन छोड़ने की समस्या हो सकती है, जो लिवर और पाचन प्रणाली पर दबाव के संकेत होते हैं।
फैटी लिवर पेट को क्यों प्रभावित करता है?
लिवर का पाचन में महत्वपूर्ण रोल होता है। यह भोजन से पोषक तत्वों को प्रोसेस करता है, फैट को तोड़ता है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालता है। जब लिवर में चर्बी जमा होती है और उसका काम धीमा पड़ता है, तो यह पेट और पाचन प्रणाली पर सीधे असर डालता है। इसके कारण गैस, भारीपन, पेट फूलना और असहजता बढ़ सकती है। यह कारण है कि फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण अक्सर पेट के आसपास होते हैं।
फैटी लिवर से बचाव के उपाय
फैटी लिवर की समस्या को रोकने के लिए कुछ आदतें अहम साबित हो सकती हैं:
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स्वस्थ आहार – प्रोसेस्ड और तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें और ताजे फल, सब्जियाँ, और हेल्दी फैट्स को अपनी डाइट में शामिल करें।
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नियमित व्यायाम – प्रतिदिन व्यायाम करने से वजन नियंत्रित रहता है और लिवर स्वस्थ रहता है।
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वजन पर नियंत्रण – मोटापा फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ाता है, इसलिए वजन नियंत्रित रखना आवश्यक है।
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शुगर और तली हुई चीजें सीमित करें – शुगर और तली हुई चीजें फैटी लिवर को बढ़ावा देती हैं, इसलिए इनका सेवन कम से कम करें।
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समय-समय पर चेकअप – यदि पेट में गैस, भारीपन या असहजता लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें। नियमित चेकअप और स्वस्थ जीवनशैली फैटी लिवर को बढ़ने से रोक सकती है।