2026 में चार ग्रहण लगने वाले हैं, जिसमें से पहला ग्रहण फरवरी में वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। जानें कब और कहां होंगे ये ग्रहण, और क्यों जनवरी में कोई ग्रहण नहीं होगा।
साल 2026 में चार बार ग्रहण लगने जा रहे हैं, जिसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। इस साल के पहले ग्रहण को लेकर लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि क्या जनवरी 2026 में कोई ग्रहण लगेगा, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। आइए, जानते हैं 2026 में कब-कब ग्रहण लगेंगे और क्यों जनवरी में कोई ग्रहण नहीं होगा।
2026 के ग्रहणों की पूरी जानकारी
1. पहला ग्रहण: 17 फरवरी 2026 – वलयाकार सूर्य ग्रहण
2026 का पहला ग्रहण 17 फरवरी को होगा, जो वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) के रूप में दिखाई देगा। इस दिन सूर्य के चारों ओर एक अग्नि वृत्त जैसा रिंग दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा।
2. दूसरा ग्रहण: 3 मार्च 2026 – पूर्ण चंद्र ग्रहण
3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) लगेगा। यह ग्रहण रात के समय भारत समेत एशिया के विभिन्न हिस्सों में देखा जा सकेगा। इस दौरान सूतक काल के नियम लागू होंगे, और इसका प्रभाव खासकर चंद्र ग्रहण से जुड़ी प्रथाओं पर पड़ेगा।
3. तीसरा ग्रहण: 12 अगस्त 2026 – सूर्य ग्रहण
12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) लगेगा। यह ग्रहण हरियाली अमावस्या के दिन होगा और यह साल का सबसे प्रमुख और चर्चित ग्रहण माना जाएगा। यह ग्रहण अमेरिका और यूरोप में पूर्ण रूप से दिखाई देगा, जबकि भारत में इसे आंशिक रूप से देखा जा सकेगा।
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4. चौथा ग्रहण: 28 अगस्त 2026 – आंशिक चंद्र ग्रहण
28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) लगेगा, जिसमें चंद्रमा का कुछ भाग पृथ्वी की छाया में आकर ग्रहण होगा। भारत में यह ग्रहण भी देखा जा सकेगा।
जनवरी 2026 में क्यों नहीं लगेगा ग्रहण?
कुछ समय से चर्चा है कि जनवरी 2026 में ग्रहण होगा और सूतक लगने की संभावना है। लेकिन हिंदू पंचांग के अनुसार जनवरी में ग्रहण की कोई स्थिति नहीं बन रही है। ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्र और पृथ्वी एक सीध में आते हैं और चंद्रमा अपने नोड्स (राहु-केतु) से गुजरता है। यह खगोलीय स्थिति जनवरी 2026 में नहीं बन रही, इसलिए जनवरी में कोई ग्रहण नहीं होगा।
फरवरी 2026 का पहला ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
वेदिक ज्योतिष के अनुसार साल का पहला ग्रहण अक्सर आने वाले समय के संकेतों का प्रतीक होता है। फरवरी 2026 का ग्रहण कुंभ राशि के सौर प्रभाव में होगा और यह सिंह-कुंभ अक्ष पर घटेगा। इस ग्रहण का प्रभाव सत्ता, वित्त, और तकनीकी क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इसके साथ ही मेष, मिथुन, सिंह, वृश्चिक, और कुंभ राशि वालों को इस दौरान भगवान शिव की आराधना करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह ग्रहण इनके लिए अशुभ हो सकता है।