डॉ. जितेंद्र सिंह ने कृषि-तकनीक को तेजी से अपनाने का आग्रह किया, भारत की जीडीपी को बढ़ावा देने के लिए

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कृषि-तकनीक को तेजी से अपनाने का आग्रह किया, भारत की जीडीपी को बढ़ावा देने के लिए

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और बेहतर तालमेल को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कृषि-तकनीक को तेजी से अपनाने का आग्रह करते हुए भारत की जीडीपी को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की जीडीपी को बढ़ावा देने के लिए कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर और बेहतर तालमेल से कृषि क्षेत्र में बदलाव लाना संभव है।

कृषि में प्रौद्योगिकी का महत्व

दिल्ली में आयोजित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की 96वीं वार्षिक आम बैठक में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के समुचित उपयोग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि अब यह सवाल नहीं रह गया कि तकनीक उपलब्ध है या नहीं, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि हम इसे कितनी तेजी से अपनाते हैं और इसका हमारे कृषि उत्पादन में कैसे उपयोग करते हैं।

नई कृषि तकनीकों से बदलाव की दिशा में भारत का योगदान

डॉ. जितेंद्र सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर क्रांति के कारण 3500 से अधिक स्टार्टअप्स उभरे हैं, और कैसे सैटेलाइट इमेजिंग, रिमोट-कंट्रोल ट्रैक्टर और ऑर्डर-आधारित फसल उत्पादन जैसी तकनीकों ने खेती में नवाचार की दिशा को नया रूप दिया है। उन्होंने विशेष रूप से जैव प्रौद्योगिकी विभाग की पहल, जैसे कीट-प्रतिरोधी कपास और विकिरण-आधारित खाद्य संरक्षण तकनीक, को लेकर भी अपने विचार साझा किए।

अंतर-मंत्रालयी सहयोग पर जोर

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कृषि अनुसंधान और नवाचार के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए अधिक अनौपचारिक अंतर-मंत्रालयी बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नियमित बैठकों के बजाय, एक कार्य समूह गठित किया जाए जो तकनीकी और नवाचार साझा कर सके।

भारत की कृषि रणनीति में नवाचार की आवश्यकता

डॉ. जितेंद्र सिंह ने तटीय राज्यों में समुद्री कृषि और मणिपुर तथा आंध्र प्रदेश में नॉन-पारंपरिक फसल खेती के उदाहरण दिए। इन पहलों को उन्होंने अत्यधिक व्यवहारिक और कृषि क्षेत्र में नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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