Delhi Yamuna Cleaning Project: दिल्ली सरकार यमुना नदी की सफाई के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राजधानी में 32 जगहों पर रियल टाइम वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। जानिए कहाँ-कहाँ लगेंगे ये स्टेशन और कितना होगा खर्च।
Delhi Yamuna Cleaning Project: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई के लिए 22 करोड़ रुपये की योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राजधानी में 32 रियल टाइम वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन स्टेशनों की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि यमुना में किन-किन प्रदूषणकारी तत्वों की उपस्थिति है और उनकी मात्रा कितनी है।
कहाँ-कहाँ लगेंगे मॉनिटरिंग स्टेशन? (Delhi Yamuna Cleaning Project)
-
यमुना नदी पर: पल्ला, ISBT ब्रिज, ITO ब्रिज, निजामुद्दीन ब्रिज, ओखला बैराज और अन्य।
-
बड़े नालों पर: नजफगढ़, मेटकॉफ हाउस, खैबर पास, स्वीपर कॉलोनी आदि।
-
सीमावर्ती नालों पर: सिंघु बॉर्डर (सोनीपत), बहादुरगढ़, शाहदरा, साहिबाबाद, बनठिया आदि।
इन सभी स्थानों पर लगने वाले मॉनिटरिंग स्टेशन साल 2025 के अंत तक पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
ये तत्व होंगे मॉनिटर: BOD से लेकर अमोनिया तक
रियल टाइम स्टेशन से इन प्रमुख प्रदूषण संकेतकों की निगरानी होगी:
-
BOD (Biological Oxygen Demand)
-
COD (Chemical Oxygen Demand)
-
TSS (Total Suspended Solids)
-
नाइट्रोजन
-
फॉस्फोरस
-
अमोनिया
यह डाटा सीधे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के सर्वर से जुड़ा होगा और यमुना में गिरने वाले गंदे पानी की पहचान में बेहद मददगार साबित होगा।
यमुना की सफाई को मिलेगी नई रफ्तार
दिल्ली की यमुना नदी दशकों से प्रदूषण का सामना कर रही है। राजधानी और एनसीआर क्षेत्र के गंदे नालों के कारण यमुना की स्थिति लगातार खराब हुई है। इस हाईटेक पहल से गंदे नालों की रियल टाइम ट्रैकिंग संभव हो पाएगी, जिससे समय रहते गंदगी के स्रोतों पर कार्यवाही की जा सकेगी।
सरकार का दावा: दिल्लीवासियों को मिलेगी साफ और निर्मल यमुना
दिल्ली सरकार का कहना है कि यह परियोजना यमुना के पुनर्जीवन की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी। इससे न सिर्फ यमुना की गुणवत्ता में सुधार आएगा, बल्कि जन स्वास्थ्य, पर्यावरण और शहरी जीवनशैली पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
For more news: Delhi