दिल्ली: दिल्ली की बढ़ती हवा प्रदूषण की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार कई मोर्चों पर दीर्घकालीन और ठोस कदम उठा रही है। जर्जर सड़कों और उड़ती धूल पर अब निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण कम करने के लिए सड़क निर्माण
इस योजना के तहत दिल्ली में लगभग 400 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण “वॉल-टू-वॉल” तकनीक से किया जाएगा। इससे सड़क किनारों से उठने वाली धूल को नियंत्रित किया जाएगा और पीएम-10 तथा पीएम-2.5 प्रदूषकों की मात्रा कम होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बेहतर सड़कों से यातायात प्रबंधन में सुधार के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
400 किलोमीटर में से 300 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए केंद्र सरकार पहले ही बजट जारी कर चुकी है, जबकि शेष 100 किलोमीटर दिल्ली सरकार अपने संसाधनों से बनाएगी। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) हटते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) युद्धस्तर पर काम शुरू करेगा। प्राथमिकता उन सड़कों को दी जाएगी जो पांच वर्ष से अधिक पुरानी हैं या जिनकी स्थिति बेहद खराब है।
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धूल नियंत्रण के लिए मिस्ट स्प्रे सिस्टम
सड़कों के निर्माण के साथ-साथ मिस्ट स्प्रे सिस्टम का भी विस्तार किया जाएगा। यह सिस्टम केंद्रीय वर्ज (मध्य विभाजक) पर स्थित बिजली के खंभों या अन्य उपयुक्त स्थानों पर सूक्ष्म जल कण छिड़क कर धूल को दबाएगा। इस तकनीक से उच्च प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट्स में विशेष नियंत्रण किया जाएगा और यह पूरे वर्ष संचालित रहेगा (मानसून को छोड़कर)।
दीर्घकालीन समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण से निपटना केवल तात्कालिक कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए मजबूत सड़कों, नियमित रखरखाव और आधुनिक तकनीकों का उपयोग आवश्यक है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर जीवन प्रदान करना है।
यह योजना दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए दीर्घकालीन, व्यावहारिक और तकनीकी दृष्टि से प्रभावी कदम है।