राजधानी दिल्ली में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल अस्थायी उपाय नहीं बल्कि दीर्घकालिक और स्थायी समाधान की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में, PUC (Pollution Under Control) जांच में लापरवाही करने वाले 27 केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
राजधानी में 24×7 PUC जांच
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर तीन शिफ्ट में 24 घंटे PUC जांच चल रही है। 3,000 डीटीसी ड्राइवरों को तैनात किया गया है, जो प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को ईंधन लेने से रोक रहे हैं। इसके अलावा 600 अतिरिक्त डीटीसी ड्राइवर ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर जाम कम करने और वाहन उत्सर्जन घटाने में मदद कर रहे हैं।
एंटी-स्मॉग गन की जगह मिस्ट स्प्रे सिस्टम
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब राजधानी के 148 एंटी-स्मॉग गन की जगह हल्के और कम पानी खर्च करने वाले मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाए जाएंगे। मॉल, होटल और कार्यालय भवनों में यह नया सिस्टम जल्द ही लागू होगा।
वायु गुणवत्ता निगरानी मजबूत होगी
दिल्ली में वर्तमान में 40 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन काम कर रहे हैं। अब CEQM के निर्देश पर छह नए स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिनमें IGNOU, JNU, ISRO Earth Centre, Commonwealth Sports Centre और NSUT शामिल हैं।
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नो PUC, नो फ्यूल का असर बाजारों पर
“नो PUC, नो फ्यूल” नीति का असर दिल्ली के बाजारों पर दिखाई देने लगा है। चांदनी चौक, करोल बाग, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर और सदर बाजार में ग्राहक संख्या में 30–35% की गिरावट देखी गई है। दुकानदारों का कहना है कि अब पहले की तरह बाहर के राज्यों से खरीदार नहीं आ रहे हैं।
चालान और ट्रक डायवर्ट
24 घंटे में 2,927 वाहनों के चालान काटे गए और 327 ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया गया। कुल मिलाकर वाहन प्रदूषण के 12,671 मामलों में कार्रवाई हुई।
कचरा और धूल प्रदूषण पर निगरानी
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 449 अवैध डंपिंग साइट्स की जांच की गई, जिनमें से 124 पर तुरंत कार्रवाई की गई। 2,337 मीट्रिक टन निर्माण वेस्ट उठाया गया और 6,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई कराई गई। 39 प्रमुख जाम वाले स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ कार्य किया गया और 60 से अधिक शिकायतों का सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप के माध्यम से समाधान किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि दिल्ली में साफ हवा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी नियमों और नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करने के साथ-साथ नागरिकों की जागरूकता बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है।