दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए क्या कर रही है सरकार? सीएम रेखा गुप्ता ने बताए कदम

दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए क्या कर रही है सरकार? सीएम रेखा गुप्ता ने बताए कदम

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कैसे सरकार EV बस, कूड़ा प्रबंधन और सड़क सुधार के जरिए वायु प्रदूषण और पर्यावरण समस्याओं को कम कर रही है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण अब गंभीर समस्या बन चुका है, और इसे कम करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इंडिया टीवी के ‘Pollution Ka Solution Conclave’ में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुलकर बताया कि उनकी सरकार किस तरह प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए काम कर रही है।

पिछली सरकारों की उदासीनता

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले 15-20 साल में दिल्ली की आबादी में लगातार वृद्धि हुई, लेकिन प्रदूषण पर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने स्मॉग टावर, ऑड-ईवन नियम और रेड लाइट पर इंजन बंद करने जैसी अस्थायी उपाय किए, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

पूरे पर्यावरण को सुधारना प्राथमिकता

रेखा गुप्ता ने कहा कि सिर्फ वायु प्रदूषण को कम करना पर्याप्त नहीं है। जल, वायु और अन्य पर्यावरणीय समस्याओं को एक साथ संबोधित करना जरूरी है। दिल्ली में फिलहाल 3,600 ईवी बसें संचालित हैं और साल के अंत तक यह संख्या 7,700 तक बढ़ाई जाएगी। इस प्रयास से आने वाले वर्षों में प्रदूषण में कमी दिखाई देगी।

वाहनों से आने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण

सीएम ने बताया कि वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए तीन ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर बनाए गए हैं। साथ ही, दिल्ली सरकार लगातार नई एसी ईवी बसें ला रही है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुविधाएं बढ़ा रही है, ताकि लोग निजी वाहन की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। दिल्ली में 9,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, और इनके विस्तार की योजना है। पुराने बैटरियों के रीसाइक्लिंग के लिए ईवेस्ट पार्क भी तैयार किया जा रहा है।

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दिल्ली से सटे राज्यों का सहयोग जरूरी

रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की मदद से दिल्ली से सटे राज्यों के साथ मिलकर प्रदूषण कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इंटर स्टेट बसों को डीजल से ईवी बसों में बदलना शुरू किया गया है। इसके अलावा, पराली जलाने की समस्या पर भी राज्य मिलकर योजना बना रहे हैं।

प्रदूषण पर चौतरफा कार्रवाई

सीएम ने बताया कि सड़क सुधार, गड्ढों की मरम्मत, मशीन से झाड़ू लगाना और नालियों की सफाई जैसी कार्यवाही की जा रही है। 10 महीनों में दिल्ली सरकार ने 22 लाख मीट्रिक टन सिल्ट निकाला है, जिससे मिंटो ब्रिज पर जलभराव की समस्या खत्म हो गई।

कूड़े के पहाड़ खत्म करने का लक्ष्य

भलस्वा और ओखला लैंडफिल को 2026 के अंत तक बंद करने की योजना है। गाजीपुर समेत तीनों प्लांट पर लगातार काम चल रहा है। सीएम ने कहा कि कूड़े से निकले वेस्ट को सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। उनका वादा है कि उनके कार्यकाल में दिल्लीवासियों को कूड़े के पहाड़ देखने को नहीं मिलेंगे।

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