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Delhi News: दिल्ली में 6 और स्टेशनों की स्थापना से कुल 46 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन हो जाएंगे। जैसा कि पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, ये स्टेशन रियल टाइम डेटा देंगे।
Delhi News: दिल्ली में हवा की निगरानी को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। राजधानी में छह नए एयर क्वालिटी मापन स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे प्रदूषण का स्तर आसानी से देखा जा सकेगा। कि मार्च में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छह नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया था। अब छह मॉनिटरिंग स्टेशनों का स्थान साझा किया गया है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), दिल्ली कैंट, वेस्ट कैम्पस, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NU) और गेम्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ये नए स्टेशन बनाए जाएंगे।
कितने एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन होंगे?
इन स्टेशनों को जोड़ने से दिल्ली में कुल 46 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन हो जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदूषण के स्रोतों को बेहतर तरीके से पहचाना जा सकेगा और समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की प्रतिक्रिया क्या थी?
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ये स्टेशन रियल टाइम डेटा प्रदान करेंगे, जिससे सरकार को प्रदूषण के पैटर्न को समझने और तुरंत प्रतिक्रिया देने में आसानी होगी। फिलहाल, इन स्टेशनों को जल्द से जल्द शुरू करने का काम शुरू हो गया है और सभी स्टेशन 30 जून तक काम करेंगे।
दिल्ली की हवा की गुणवत्ता पर हर साल बहस होती रहती है। दिल्ली की पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार को भी खराब हवा के कारण कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। अब दिल्ली में बीजेपी की नई सरकार बनने के बाद देखना होगा कि सर्दियों में हवा की कमी को कैसे नियंत्रित करें। सर्दियों से कई महीनों पहले सरकार ने हवा को साफ करने का पहला प्रयास किया है, इसलिए इस वर्ष दिल्ली की हवा साफ रहेगी और दमघोटू गैस चैंबर नहीं बनेगी।
वर्तमान में एयर मॉनिटरिंग स्टेशन कहाँ है?
इन नए स्टेशनों की घोषणा भी मार्च में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की थी। फिलहाल दिल्ली में 40 एयर मॉनिटरिंग स्टेशन हैं, जो अलीपुर, आनंद विहार, द्वारका, आईटीओ, लोधी रोड, चांदनी चौक और आईजीआई एयरपोर्ट में काम करते हैं। इसके बावजूद, कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अभी भी इस निगरानी व्यवस्था नहीं है।
दिल्ली में कुछ स्टेशन ऐसे क्षेत्रों में हैं जहां बहुत कम लोग रहते हैं. ऐसे क्षेत्रों में असोला भट्टी फॉरेस्ट, करणी सिंह शूटिंग रेंज और सीरी फोर्ट शामिल हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी अधिक निगरानी की आवश्यकता महसूस हुई। दिल्ली में लोगों को बेहतर हवा मिलने और वायु प्रदूषण को कम करने में नई व्यवस्था से उम्मीद है।
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