मीसा कानून दस्तावेज सार्वजनिक: आपातकाल से जुड़ी मीसा फाइलें होंगी सार्वजनिक? दिल्ली सरकार कर रही डिजिटलीकरण की तैयारी

मीसा कानून दस्तावेज सार्वजनिक: आपातकाल से जुड़ी मीसा फाइलें होंगी सार्वजनिक? दिल्ली सरकार कर रही डिजिटलीकरण की तैयारी

मीसा कानून दस्तावेज सार्वजनिक: दिल्ली सरकार मीसा कानून से जुड़े आपातकालीन दस्तावेजों को डिजिटाइज कर जनता के सामने लाने की तैयारी में है। फाइलों में गिरफ्तारियों की पूरी जानकारी है।

मीसा कानून दस्तावेज सार्वजनिक: भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे विवादास्पद दौर आपातकाल (Emergency 1975) से जुड़ी फाइलें अब जल्द ही जनता के सामने आ सकती हैं। दिल्ली सरकार ने मीसा (MISA – Maintenance of Internal Security Act) कानून से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटाइज कर सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मीसा से जुड़े दस्तावेज होंगे डिजिटल, गृह विभाग को भेजा गया प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार के स्टेट आर्काइव्स डिपार्टमेंट ने 1970 के दशक में लागू मीसा कानून से जुड़े हजारों दस्तावेजों को डिजिटाइज करने का निर्णय लिया है। ये सभी फाइलें आपातकाल के समय की हैं, जब हजारों विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिना आरोप या मुकदमा चलाए हिरासत में लिया गया था।

आपातकाल की असलियत को उजागर करेंगी ये फाइलें

इन फाइलों में उन लोगों की सूची है जिन्हें सिर्फ सरकार की आलोचना करने के कारण जेल भेज दिया गया था। इसमें जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई जैसे दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल हैं। दस्तावेजों में गिरफ्तारी की वजहें, हिरासत की अवधि और स्थिति की पूरी जानकारी दर्ज है।

मीसा कानून: एक कड़ा और विवादित अध्याय

  • मीसा कानून 1971 में पास हुआ था, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में लागू किया गया था।

  • 25 जून 1975 को आपातकाल लगते ही इस कानून का बड़े पैमाने पर राजनीतिक दमन के लिए प्रयोग हुआ।

  • कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखा जा सकता था, बिना किसी मुकदमे के।

4 करोड़ दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में शामिल मीसा फाइलें

दिल्ली सरकार ने हाल ही में अपने करीब 4 करोड़ सरकारी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इसी के तहत मीसा कानून से संबंधित हजारों फाइलें भी सामने आई हैं। इन्हें अब सार्वजनिक प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराने की योजना है।

आधिकारिक अनुमति के बाद शुरू होगा प्रकाशन

फिलहाल इन फाइलों को सार्वजनिक करने के प्रस्ताव को दिल्ली सरकार के गृह विभाग को भेजा गया है। जैसे ही इसे अंतिम मंजूरी मिलेगी, इन अभिलेखों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे देश की जनता आपातकाल की सच्चाई से रूबरू हो सकेगी।

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