दिल्ली सरकार ने नेपाल में फंसे दिल्लीवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए दूतावासों से संपर्क किया है। दिल्ली-काठमांडू बस सेवा अस्थायी रूप से स्थगित की गई है, यात्रियों को बुकिंग रद्द कराने पर पैसे वापस दिए जाएंगे।
दिल्ली सरकार ने नेपाल में हिंसाग्रस्त हालात के बीच वहां फंसे दिल्लीवासियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए गंभीर कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारत और नेपाल के दूतावासों से संपर्क कर दिल्लीवासियों की सुरक्षा और सहायता के लिए सहयोग मांगा है।
सीएम रेखा गुप्ता ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भारत में नेपाल के राजदूत शंकर शर्मा और नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के साथ टेलीफोन पर बातचीत की है। दोनों दूतावासों के साथ लगातार संवाद कर दिल्ली सरकार फंसे लोगों की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी के लिए काम कर रही है।
वहीं, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने दिल्ली-काठमांडू अंतरराष्ट्रीय बस सेवा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। डीटीसी अधिकारियों ने बताया कि बस सेवा तब तक बंद रहेगी जब तक नेपाल में स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। मंगलवार को काठमांडू पहुंच चुकी दिल्ली से गई बस और उसका स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित हैं। बस सुरक्षित पार्किंग में है और नेपाल की सेना ने इसे तभी सड़क पर निकालने की अनुमति देने का निर्णय किया है जब माहौल पूरी तरह स्थिर हो।
डीटीसी के तहत इस सेवा के लिए दो वोल्वो बसें संचालित होती हैं, जिनमें से एक दिल्ली से और दूसरी नेपाल से नियमित रूप से चलती हैं। इस सेवा के माध्यम से दिल्ली और काठमांडू के बीच 1,167 किलोमीटर की दूरी तय की जाती है, और इसका किराया लगभग 2,800 रुपये है।
अधिकारी ने बताया कि जिन यात्रियों ने अपनी बुकिंग रद्द कराई है, उन्हें पूर्ण धनवापसी दी जाएगी, वहीं कई यात्रियों ने अपनी बुकिंग आगे बढ़ा दी है। दिल्ली-काठमांडू मैत्री बस सेवा सप्ताह में छह दिन चलती है, जिसमें डीटीसी की बसें सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती हैं, जबकि नेपाल की बसें मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को सेवा देती हैं।
दिल्ली सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी और स्थिति सामान्य होते ही बस सेवा पुनः शुरू कर दी जाएगी।