दिल्ली सरकार ई-रिक्शा को विनियमित करने के लिए एक नई नीति तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य शहर में ट्रैफिक जाम को कम करना और अंतिम छोर तक सार्वजनिक परिवहन के विकल्प के रूप में ई-रिक्शा की कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। नीति में पंजीकरण, चार्जिंग सुविधा, निर्धारित मार्ग और स्टैंड की पहचान जैसी प्रमुख व्यवस्थाओं को शामिल किया जाएगा।
वर्तमान में, ई-रिक्शा धीमी गति के कारण सड़कों पर जाम और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का कारण बन रहे हैं, लेकिन ये बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी प्रदान करते हैं। इसलिए सरकार ने इसे विनियमित करने की योजना बनाई है।
also read: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड, दिल्ली…
परिवहन विभाग जल्द ही इस नीति की कार्यप्रणाली तैयार करने के लिए औपचारिक बैठक बुलाएगा। नीति के तहत अनौपचारिक ई-रिक्शा मालिकों को अपने वाहन पंजीकरण कराने का समय दिया जाएगा, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रहे और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि ई-रिक्शा एक पर्यावरण के अनुकूल, व्यवस्थित और सुरक्षित परिवहन विकल्प बने, जो मेट्रो और बस स्टैंड से अंतिम गंतव्य तक यात्रियों को सुविधाजनक रूप से पहुँचा सके। जनवरी 2026 तक वाहन डैशबोर्ड पर 2,04,131 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जबकि असली संख्या इससे कहीं अधिक होने का अनुमान है।
इस नीति से न केवल ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन का अनुभव भी बेहतर और सुरक्षित होगा।