दिल्ली सरकार लंबी दूरी के रूट पर भी देवी बसें चलाने की तैयारी कर रही है। बड़े रूटों पर छोटी ई-बसें तैनात कर बसों की कमी दूर करने, नए स्टॉप बनाने और रूट जानकारी उपलब्ध कराने की योजना पर काम तेज।
दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। राजधानी में बसों की उपलब्धता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों, खासकर यमुना पार के इलाकों में, ने दिल्ली सरकार को नए विकल्प तलाशने के लिए मजबूर कर दिया है। इसी कड़ी में अब 12-मीटर लंबी बसों वाले रूट पर भी देवी बसें (छोटी इलेक्ट्रिक बसें) चलाने की योजना बनाई जा रही है।
देवी बसें मुख्य रूप से लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए संकरी गलियों में चलाने के उद्देश्य से लाई गई थीं, जहां डीटीसी की बड़ी बसें नहीं पहुंच पातीं। लेकिन अब सरकार इनमें से लगभग 50% देवी बसों को बड़े रूट्स पर संचालित करने के मॉडल पर गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि बसों की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सके और यात्रियों को अधिक विकल्प मिल सकें।
रूट रैशनलाइजेशन के बाद बढ़ी परेशानी, 692 CNG बसें होंगी हटाई
पूर्वी दिल्ली में डीटीसी ने बस रूट रैशनलाइजेशन का काम पूरा किया है, जिसके तहत साल के अंत तक करीब 692 CNG बसें सड़कों से हटाई जाएंगी। नई व्यवस्था को लेकर प्रचार-प्रसार की कमी और CNG बसों की संख्या में कमी से यात्रियों की दिक्कतें बढ़ी हैं।
also read: दिल्ली में झुग्गीवासियों को मिलेगा पक्का मकान,…
फिलहाल दिल्ली में कुल 2442 CNG बसें चल रही हैं, जिनमें
-
692 डीटीसी बसें
-
1750 क्लस्टर बसें शामिल
हैं।
अधिकारियों का दावा है कि 12-मीटर बसों के किसी भी रूट को बंद नहीं किया जाएगा। चाहे फ्लीट कम हो, हर रूट पर कम से कम एक बस जरूर उपलब्ध रहेगी। अभी तक जिन 121 रूटों का अध्ययन किया गया है, इनमें से 100 पर सिर्फ डीटीसी बसें चलती थीं, 12 पर क्लस्टर और 9 रूट ऐसे थे जहां दोनों सेवाएं उपलब्ध थीं।
देरी से मिल रही नई बसों के बीच ‘देवी बस’ बनेंगी सहारा
नई बसों की सप्लाई में देरी और लगातार घटते बस बेड़े को देखते हुए सरकार वैकल्पिक समाधान पर तेजी से विचार कर रही है। बड़े रूटों पर देवी बसें चलाने का प्रस्ताव भी इसी रणनीति का हिस्सा है। इससे न केवल यात्रियों को बस मिलने की उम्मीद बढ़ेगी, बल्कि रूट की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी।
देवी बसों के लिए अलग बस स्टॉप और रूट जानकारी होगी उपलब्ध
देवी बसों की पहचान और रूट जानकारी न मिलने के कारण कई बसें अक्सर खाली चल रही थीं। इस समस्या को दूर करने के लिए परिवहन विभाग ने नए बस स्टॉप और रूट बोर्ड लगाने शुरू कर दिए हैं।
जहां बस स्टैंड उपलब्ध है, वहां देवी बसों की जानकारी जोड़ दी गई है। वहीं जिन स्थानों पर बस स्टैंड नहीं है, वहां दो खंभों पर सूचना बोर्ड लगाकर अस्थायी बस स्टॉप बनाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को इन बसों का रूट और उपस्थिति पता चल सके।
वर्तमान में डीटीसी और डीएमटीएस की ओर से 1,028 देवी बसें राजधानी में संचालित की जा रही हैं।