दिल्ली विधानसभा में CAG रिपोर्ट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AAP पर भ्रष्टाचार और जनता के पैसों की बर्बादी के गंभीर आरोप लगाए। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीति करार दिया। जानिए पूरी रिपोर्ट।
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने CAG रिपोर्ट 2023-24 के हवाले से आम आदमी पार्टी (AAP) की पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार, वित्तीय कुप्रबंधन और जनता के पैसों की बर्बादी के गंभीर आरोप लगाए। रिपोर्ट पेश होते ही सदन में राजनीतिक घमासान छिड़ गया, जिसमें AAP ने भी बीजेपी सरकार पर पलटवार किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का हमला: “जनता के पैसे से चल रही थी ‘फ्री की स्कीम’”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता को यह नहीं बताया कि जिन मुफ्त सेवाओं की बात की जा रही थी, वे उन्हीं के टैक्स के पैसे से दी जा रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन फ्री स्कीम्स के चलते ना नए स्कूल बने, ना अस्पताल, और न ही जलापूर्ति व सीवर व्यवस्था में कोई सुधार हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “AAP ऐसे पेश आती थी जैसे अपनी जेब से जनता को सुविधाएं दे रही हो।”
राजस्व घाटा और गलत दिशा में खर्च: रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
रेखा गुप्ता ने विधानसभा में कहा कि वर्ष 2023-24 में दिल्ली सरकार का घाटा ₹8,600 करोड़ तक पहुंच गया। खर्च बढ़ा, लेकिन विकास कार्य ठप रहे। विज्ञापन और राजनीतिक प्रचार पर ज्यादा खर्च किया गया।
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“सच्चाई उजागर हुई तो बौखलाहट में हंगामा” — रेखा गुप्ता
सीएम ने कहा कि CAG रिपोर्ट के सामने आते ही विपक्ष ने हंगामा मचाकर ध्यान भटकाने की कोशिश की। उन्होंने मांग की कि CAG रिपोर्ट को लोक लेखा समिति (PAC) को सौंपकर पूरी जांच कराई जाए। “इनके झूठे वादों का सच रिपोर्ट में सामने आ गया है। अब ये शोर मचाकर सच्चाई से भाग रहे हैं।” — रेखा गुप्ता
AAP का पलटवार: “भाजपा सिर्फ राजनीति कर रही है”
AAP विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार CAG रिपोर्ट के नाम पर जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने कहा, “हम जलभराव और फीस नियंत्रण जैसे मुद्दों पर चर्चा चाहते थे, लेकिन सरकार ने सिर्फ विपक्ष पर हमला करने में वक्त बर्बाद किया।”
उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने पूरे चार दिन की कार्यसूची में सिर्फ एक दिन फीस नियंत्रण बिल पर चर्चा की, बाकी समय AAP को बदनाम करने में लगा दिया।