दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए आगामी दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के एजेंडे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सत्र 5 जनवरी से शुरू होकर चार दिनों तक चलेगा और इसमें सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए जाएंगे।
मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि इस सत्र में प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। सरकार पर्यावरण और प्रदूषण से संबंधित प्रस्ताव विधानसभा में प्रस्तुत करेगी। पिछले 20 वर्षों के आंकड़ों और वैज्ञानिक रिपोर्टों के आधार पर प्रदूषण से जुड़ी कमियों, अब तक की नीतियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी। सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।
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भ्रष्टाचार के मामलों पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि शीश महल से संबंधित सभी CAG रिपोर्ट्स विधानसभा के पटल पर रखी जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि CAG द्वारा तैयार की गई शीश महल रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाएगी ताकि सच्चाई उजागर हो सके। इसके साथ ही दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ी CAG रिपोर्ट भी विधानसभा में पेश की जाएगी। साल 2022 तक की रिपोर्ट में जल बोर्ड में फैले भ्रष्टाचार का पूरा विवरण शामिल है।
मंत्री ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार के अधीन विश्वविद्यालयों में हुए भ्रष्टाचार से संबंधित CAG रिपोर्ट भी सदन में रखी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली में अब भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और रिश्वत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में दोषी पाए गए दो अधिकारियों पर की गई कार्रवाई के बाद आगे सभी दोषियों के खिलाफ समान कार्रवाई की जाएगी।
कपिल मिश्रा ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और आम आदमी पार्टी के नेता अब झूठ और भ्रम फैलाने की राजनीति का प्रतीक बन चुके हैं।