अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित भारत के विधान सभाओं के अध्यक्षों ने भाग लिया, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के 68वें सम्मेलन का ब्रिजटाउन में शुभारंभ

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित भारत के विधान सभाओं के अध्यक्षों ने भाग लिया, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के 68वें सम्मेलन का ब्रिजटाउन में शुभारंभ

राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के 68वें सम्मेलन का ब्रिजटाउन में शुभारंभ, जिसमें राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित भारत के कई संसदीय अध्यक्ष शामिल हुए। लोकतंत्र सुदृढ़ीकरण और वैश्विक सहयोग पर चर्चा।

बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (Commonwealth Parliamentary Association) के 68वें सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में दुनिया भर के देशों और राज्यों के संसदीय अध्यक्ष और स्पीकर्स ने भाग लिया। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा के सभापति हरिवंश और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित कई अन्य राज्यों के विधानसभाओं के अध्यक्ष सम्मिलित हुए।

यह सम्मेलन “कॉमनवेल्थ: एक वैश्विक साझेदार” विषय पर आयोजित किया गया है, जिसमें लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण, समावेशी विकास और सतत प्रगति के लिए संवाद, सहयोग एवं साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

also read: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सूरत में प्रवासी राजस्थानी मीट…

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस सम्मेलन में भाग लेना एक प्रेरणादायक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के माध्यम से एक अधिक न्यायसंगत और समावेशी विश्व का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, अपने संसदीय परंपरा और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धताओं को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करेगा।

इस सम्मेलन में भागीदारी से भारत की लोकतांत्रिक संस्कृति और वैश्विक सहयोग की प्रतिबद्धता को एक नया बल मिलेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र और विकास के मार्ग को और भी मजबूती मिलेगी।

Related posts

मुख्यमंत्री नायब सैनी: हरियाणा में बजट प्रक्रिया में जनता की भागीदारी, प्रति व्यक्ति आय 2.5 गुना बढ़ी

मोगा में नशा विरोधी ऐतिहासिक रैली, कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा– यह जंग अब लोगों और पुलिस की संयुक्त कोशिशों से होगी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे ने मिलकर तैयार की पंचायत चुनावों की रणनीति, बजट का प्रचार गांव-गांव

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More